बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी का बड़ा दावा- ‘SIR बना BJP के लिए उल्टा वार, ममता के पक्ष में लहर तेज’

 
Bihar News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इस बीच सागरिका घोष ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य में ममता बनर्जी के खिलाफ कोई असंतोष नहीं है, बल्कि हालिया घटनाओं ने उनके पक्ष में माहौल और मजबूत कर दिया है।

‘SIR से BJP को उल्टा झटका’
न्यूज एजेंसी से बातचीत में सागरिका घोष ने कहा कि भाजपा ने मतदाता सूची सुधार (SIR) के जरिए टीएमसी को कमजोर करने की रणनीति बनाई थी, लेकिन अब वही प्रक्रिया उनके लिए “जी का जंजाल” बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान आम लोगों से लेकर प्रतिष्ठित हस्तियों तक की नागरिकता पर सवाल उठाए गए, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी और “एंटी-बीजेपी वेव” बन गई।

एंटी-इनकंबेंसी पर ‘मास्टरस्ट्रोक’
राज्य में एंटी-इनकंबेंसी की चर्चा को खारिज करते हुए घोष ने कहा कि अगर कहीं नाराजगी थी भी, तो वह स्थानीय स्तर पर थी। ममता बनर्जी ने 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर इस नाराजगी को काफी हद तक खत्म कर दिया है। उनके मुताबिक, जनता का भरोसा आज भी सिर्फ ममता बनर्जी पर कायम है।

महिला सुरक्षा और ‘अपराजिता बिल’ का जिक्र
टीएमसी सांसद ने महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के कदमों को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि ‘अपराजिता बिल’ के जरिए सख्त कानून लाने की कोशिश की गई, लेकिन केंद्र ने इसे आगे नहीं बढ़ाया।

‘बंगाली अस्मिता’ बनाम ‘झूठ की राजनीति’
सागरिका घोष ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह झूठी खबरों और दुष्प्रचार के जरिए बंगाल की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि “बंगाली अस्मिता” और विचारधारा की लड़ाई बन चुका है।