बिहार में सत्ता का बड़ा घमासान: शपथ से पहले NDA में कुर्सियों की तकरार तेज़

नीतीश कैबिनेट में नए चेहरों पर मंथन, विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर जदयू–भाजपा में रस्साकशी; 20 नवंबर से पहले सियासत में चरम हलचल
 

Bihar news: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले राजनीतिक तापमान चरम पर है। महागठबंधन से रिश्ते टूटने और एनडीए में वापसी के बाद से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में हिस्सेदारी को लेकर जदयू और भाजपा के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
दोनों दलों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम पद पर अब तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।

सूत्र बताते हैं कि मंगलवार को भी जदयू–भाजपा नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बैठकों का दौर चला, मगर किसी निर्णायक फैसले पर मुहर नहीं लग सकी। पिछली विधानसभा में अध्यक्ष का पद भाजपा के पास था, इसलिए भाजपा इस बार भी इसी फॉर्मूले पर ज़ोर दे रही है। वहीं जदयू इसे अपना हक़ बताकर छोड़ने को तैयार नहीं।

विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी: कौन होगा नंबर-1?

सत्ता के गलियारों में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:
    •    जदयू के विजय चौधरी
    •    भाजपा के प्रेम कुमार

दोनों ही अनुभवी नेता माने जाते हैं और दोनों दल अपने-अपने दावेदारों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। यही वजह है कि यह पद इस समय NDA की राजनीति का सबसे हॉट मुद्दा बन चुका है।

कैबिनेट विस्तार: कौन बनेगा मंत्री, किसकी होगी वापसी

20 नवंबर को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले नीतीश कैबिनेट की रूपरेखा लगभग तय हो चुकी है। 5–6 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं, जबकि भाजपा और जदयू दोनों ही दल पुराने चेहरों की वापसी पर लगभग तैयार दिख रहे हैं।

भाजपा कोटे से संभावित मंत्री

सूत्रों के मुताबिक भाजपा से इन नेताओं की वापसी तय मानी जा रही है:
    •    सम्राट चौधरी
    •    मंगल पांडेय
    •    विजय कुमार सिन्हा
    •    नीतीश मिश्रा
    •    जिबेश कुमार
    •    हरि साहनी
    •    केदार प्रसाद गुप्ता
    •    रेनू देवी

नए चेहरों में—
    •    राणा रणधीर
    •    गायत्री देवी
    •    विजय कुमार खेमका
के नाम शीर्ष सूची में हैं।

जदयू में भी बड़े बदलाव के संकेत

जदयू भी अपने अधिकांश वर्तमान मंत्रियों को दोबारा मौका देने के मूड में है। उमेश सिंह कुशवाहा, जो हाल में महनार से जीते हैं और प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, इस बार मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।

इसके अलावा इन नामों पर भी मुहर लगने की संभावना है:
    •    बिजेंद्र प्रसाद यादव
    •    श्रवण कुमार
    •    लेसी सिंह
    •    शीला मंडल
    •    मदन सहनी
    •    रत्नेश सदा
    •    मोहम्मद जामा खान
    •    जयंत राज
    •    अशोक चौधरी

नए चेहरों में:
    •    राहुल कुमार सिंह
    •    सुधांशु शेखर
    •    कलाधर प्रसाद मंडल
    •    पन्ना लाल सिंह पटेल
को लेकर गंभीर मंथन जारी है।

छोटे दलों की भी बड़ी तैयारी

NDA के घटक दल भी अपनी हिस्सेदारी को लेकर सक्रिय हैं।
संभावित फॉर्मूला कुछ यूं है:
    •    लोजपा (रामविलास) – 3 मंत्री
    •    HAM – 1 मंत्री
    •    रालोमो – 1 मंत्री

कुल मिलाकर 16 मंत्री भाजपा से, 14 मंत्री जदयू से और उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेने वाले हैं।

सीटों का गणित: NDA को मिला भारी जनादेश

243 में से NDA को कुल 202 सीटें मिली हैं:
    •    भाजपा – 89
    •    जदयू – 85
    •    लोजपा (RV) – 19
    •    हम – 5
    •    रालोमो – 4

इस मजबूत जनादेश के बाद सत्ता की साझेदारी को लेकर बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

20 नवंबर तक संघर्ष और तेज़ होगा

सरकार गठन से ठीक पहले सत्ता के हर मोर्चे पर कशमकश अपने चरम पर है।
कौन मंत्री बनेगा, कौन अध्यक्ष बनेगा, किसे कितना महत्व मिलेगा—सब कुछ शपथ ग्रहण से पहले तय होना है। और इसी वजह से पटना इस समय देश की सबसे सक्रिय राजनीतिक राजधानी बन गया है।