Bihar Election 2025: पूर्णिया की रैली में भावुक हुए राहुल गांधी- बोले, “डाकिया का बेटा अब जनता की आवाज बनेगा”

 

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब पहले पड़ाव पर पहुँच चुका है। पहले चरण की 121 सीटों पर मतदान जारी है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। दोपहर 3 बजे तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक जारी रही, वहीं दूसरी ओर दूसरे चरण के चुनाव प्रचार ने भी जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों ही मैदान में सक्रिय हैं। इसी क्रम में पूर्णिया के कसबा विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी की रैली के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला।

राहुल गांधी के सामने भावुक हुए कांग्रेस प्रत्याशी

पूर्णिया के कसबा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी इरफान आलम के समर्थन में जब राहुल गांधी मंच पर पहुंचे, तो माहौल भावनाओं से भर गया। इरफान आलम, जो एक डाकिया के बेटे हैं, ने मंच पर कहा- “राहुल गांधी ने भरोसा जताकर एक डाकिया के बेटे को टिकट दिया, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।”

उनकी बात सुनकर राहुल गांधी भी visibly भावुक हो गए। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा- “आपके पिता ने लोगों तक चिट्ठियाँ पहुँचाईं, अब आप जनता की उम्मीदें विधानसभा तक पहुँचाएँगे।”

“बिहार को चाहिए रेस का घोड़ा, बारात का नहीं”

प्रत्याशी इरफान आलम ने अपने भाषण में कहा कि बिहार की राजनीति को अब रेस का घोड़ा चाहिए, बारात का नहीं। उनका इशारा उन नेताओं की ओर था जो केवल दिखावे की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा के साथ जुड़े हैं और जनता के असली मुद्दों- रोजगार, शिक्षा और किसानों के हक-पर काम करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने मंच से उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि यही नई पीढ़ी है, जो मेहनत और सेवा से बदलाव लाएगी।

किसानों और मखाना उत्पादकों की चिंता पर बोले राहुल गांधी

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि अब नेताओं को अपने हितों से पहले जनता और किसानों के हितों के बारे में सोचना होगा। उन्होंने मखाना किसानों का जिक्र करते हुए कहा- “अमेरिका में मखाना बहुत कीमती है, लेकिन बिहार के किसान को उसका उचित दाम नहीं मिलता। अब समय है कि उनकी मेहनत की सही कीमत दिलाई जाए।”

राहुल गांधी ने कांग्रेस उम्मीदवार को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिए काम करना है- “आप जनता के सच्चे प्रतिनिधि बनें, यही मेरी आपसे उम्मीद है।”

भावनाओं से भरा प्रचार, उम्मीदों से भरा संदेश

पूर्णिया की यह रैली राहुल गांधी के लिए सिर्फ राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संवाद बन गई। जहाँ एक तरफ उन्होंने सामाजिक न्याय और समान अवसरों की बात की, वहीं दूसरी तरफ एक साधारण परिवार से आए उम्मीदवार को मंच पर सम्मान देकर कांग्रेस ने ‘आम आदमी की राजनीति’ का संदेश देने की कोशिश की। अब देखना यह होगा कि क्या राहुल गांधी का यह भावनात्मक जुड़ाव बिहार की जनता के वोटों में तब्दील हो पाता है या नहीं।