Bihar Election Exit Poll 2025: एनडीए के सिर पर ताज या कांटे की टक्कर? एग्जिट पोल में मिली मिश्रित तस्वीर, चिराग पासवान पर सबकी नज़र

Bihar Election 2025: दो चरणों के मतदान के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज, एग्जिट पोल के आंकड़ों ने बनाई सस्पेंस भरी तस्वीर- कहीं एनडीए की बहुमत की राह, तो कहीं महागठबंधन के उभार के संकेत। वहीं, चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) के प्रदर्शन पर टिकी हैं सबकी निगाहें।
 

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों का मतदान खत्म होते ही राज्य की सियासत में एग्जिट पोल का तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार रिकॉर्ड 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ है — जो बिहार की अब तक की सबसे ऊंची वोटिंग में से एक है। इस ऐतिहासिक मतदान के बाद अब सभी की निगाहें एग्जिट पोल्स पर टिक गई हैं, जिन्होंने सियासी माहौल को और गर्मा दिया है।

अधिकांश एग्जिट पोल्स में एनडीए को बढ़त दिखाई जा रही है, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में मुकाबला काफी कांटे का बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि कई एजेंसियों ने न तो एनडीए और न ही महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाया है। वहीं, कुछ सर्वेक्षणों में राजद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते दिखाया गया है, जबकि कुछ एजेंसियों ने भाजपा को नंबर वन बताया है।

14 नवंबर को होगा फैसला

राज्यभर में अब सबकी नज़रें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब 46 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू होगी। एग्जिट पोल के मुताबिक,
    •    एनडीए को 145–160 सीटें,
    •    महागठबंधन को 73–91 सीटें,
    •    और अन्य को 5–10 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

बीजेपी को 72–82 सीटें, जेडीयू को 59–68 सीटें, राजद को 51–63 सीटें, जबकि कांग्रेस को 12–15 सीटें मिलने का अनुमान है।

चिराग पासवान की परीक्षा

इस बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए यह चुनाव किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है। एनडीए के साथ गठबंधन में आई चिराग की पार्टी इस बार 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
हालांकि, कई एजेंसियों के एग्जिट पोल्स ने उनकी टेंशन बढ़ा दी है, क्योंकि पार्टी का प्रदर्शन सीमित दायरे में सिमटा दिख रहा है।

सर्वे एजेंसियों के अनुसार,
    •    चाणक्य ने एलजेपी (रा) को 14–19 सीटें,
    •    पोल डायरी ने 12–16 सीटें,
    •    टीआईएफ रिसर्च ने 12–14 सीटें,
    •    पोलस्ट्रैट ने 9–12 सीटें,
    •    जबकि मैट्रिज़–आईएएनएस ने 7–9 सीटें मिलने का अनुमान जताया है।

पिछली बार अकेले लड़ी थी एलजेपी

गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने अकेले 135 सीटों पर मैदान में उतरकर चुनाव लड़ा था, जिसमें पार्टी को सिर्फ एक सीट (मटिहानी, बेगूसराय) पर जीत मिली थी। तब उनके अलग लड़ने से नीतीश कुमार की जेडीयू को भारी नुकसान हुआ था। इस बार एनडीए में वापसी के साथ चिराग पासवान राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में माने जा रहे हैं, लेकिन एग्जिट पोल्स का मिश्रित संकेत उन्हें चिंतित कर सकता है।

14 नवंबर को साफ़ होगी तस्वीर

फिलहाल, बिहार की सियासत एग्जिट पोल के इन आंकड़ों से गरमाई हुई है। लेकिन जैसा कि राजनीतिक जानकार कहते हैं- एग्जिट पोल सिर्फ़ इशारा होते हैं, नतीजे नहीं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 14 नवंबर को जब ईवीएम के बक्से खुलेंगे, तो क्या एनडीए की बढ़त बरकरार रहती है, या फिर महागठबंधन और चिराग पासवान की पार्टी कोई नया राजनीतिक चमत्कार कर दिखाती है।