मतगणना से पहले नीतीश का ‘आस्था सफर’- दरगाह, मंदिर और गुरुद्वारे में मांगी जीत की दुआ!

मतदान खत्म होते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजधानी पटना में दिखे धार्मिक दौर पर- पहले मजार पर चादरपोशी, फिर मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेककर की राज्य की शांति और एकता की प्रार्थना।
 

Bihar Election 2025: विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के एक दिन बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राजधानी पटना में एक अलग ही अंदाज़ में लोगों का ध्यान खींचा। चुनावी सरगर्मी के बीच वे राजनीतिक मंचों से दूर रहकर आध्यात्मिक सफर पर निकले- जहां उन्होंने दरगाह, मंदिर और गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेका और बिहार की अमन-चैन के लिए दुआ मांगी।

सुबह सीएम आवास से निकलने के बाद नीतीश कुमार सबसे पहले पटना हाईकोर्ट के पास स्थित दरगाह पहुंचे। उन्होंने वहां चादरपोशी की और प्रदेश में भाईचारा, सद्भाव और शांति की प्रार्थना की। इसके बाद मुख्यमंत्री पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर हनुमान मंदिर पहुंचे और हनुमान जी का दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया।

गुरुद्वारे में भी झुके नीतीश

मुख्यमंत्री का यह धार्मिक दौरा यहीं नहीं रुका। दरगाह और मंदिर के बाद वे पटना सिटी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्री विजय चौधरी, अशोक चौधरी सहित जदयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

नीतीश कुमार के इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखी। कई स्थानों पर आम लोग उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए केवल मुस्कुराकर जवाब दिया।

नतीजों से पहले का ‘साइलेंट मेसेज’

चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को घोषित होना है। ऐसे में मतगणना से कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री का धार्मिक स्थलों का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम संकेत माना जा रहा है। सियासी गलियारों में इसे “साइलेंट पॉलिटिकल मेसेज” के तौर पर देखा जा रहा है- यानी नीतीश कुमार ने बिना बोले अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

एग्जिट पोल पर मुस्कराकर बोले ‘कुछ नहीं’

पत्रकारों ने जब उनसे एग्जिट पोल्स के रुझानों को लेकर सवाल किया तो नीतीश कुमार ने बस हल्की मुस्कान दी, सभी को प्रणाम किया और बिना कुछ बोले आगे बढ़ गए। उनकी यह सादगी भरी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे “नीतीश की शांत राजनीति की ताकत” बता रहे हैं।

जनता में चर्चा, नेताओं में सस्पेंस

नीतीश कुमार का यह शांत धार्मिक दौरा ऐसे वक्त में हुआ है जब बिहार की सियासत एग्जिट पोल्स की गर्मी में तप रही है।
एक तरफ एनडीए में बढ़त के दावे हैं, तो दूसरी ओर महागठबंधन ने 14 नवंबर के नतीजों से पहले ही “जनादेश के सम्मान” की बात कही है। इस बीच, नीतीश कुमार का दरगाह से मंदिर और गुरुद्वारे तक का सफर, बिहार की राजनीतिक तस्वीर में एक संतुलित और शांति का संदेश छोड़ गया है।