100% इथेनॉल ईंधन को मिली हरी झंडी; गडकरी ने फाइल पर किए साइन, देश के बचेंगे ₹22 लाख करोड़

 

Bihar news: केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के ईंधन क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि उन्होंने 100 पर्सेंट इथेनॉल को कानूनी मान्यता देने और इससे जुड़े नियमों को तय करने वाली सरकारी फाइल पर दस्तखत कर दिए हैं।

इस बड़े कदम के बाद अब देश में पूरी तरह से इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां कानूनी रूप से सड़कों पर दौड़ सकेंगी। गडकरी ने साफ कहा कि इथेनॉल आने वाले समय में पेट्रोल का सबसे बेहतरीन और सस्ता विकल्प बनकर उभरेगा। इससे भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता बहुत हद तक कम हो जाएगी।

वर्तमान में भारत को विदेशों से कच्चा तेल और जीवाश्म ईंधन मंगाने के लिए हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च करनी पड़ती है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि इस ऐतिहासिक फैसले से देश का यह 22 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बोझ धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, "अब हमने इस आयात को कम करने का जो संकल्प लिया था, उसके तहत देश में ही धीरे-धीरे गैस और इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इससे पेट्रोल-डीजल का एक मजबूत स्वदेशी विकल्प पूरी तरह तैयार हो जाएगा।"

इस योजना के तहत ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी मार्केट में अपने कदम तेजी से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में 4 जून को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और नितिन गडकरी ने मारुति सुजुकी वैगनआर का 'फ्लेक्स-फ्यूल' मॉडल लॉन्च किया था, जो 100 पर्सेंट इथेनॉल पर चलती है। वहीं, देश की बड़ी बाइक निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी दो मोटरसाइकिलों को 100 पर्सेंट इथेनॉल इंजन के साथ मार्केट में उतार दिया है। गडकरी ने आगे बताया कि अगले दो महीनों के भीतर टोयोटा, सुजुकी और हुंडई जैसी दिग्गज कंपनियां भी अपने ऐसे वाहन लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल से चलेंगे।

नितिन गडकरी ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने पहली बार देश के सामने इथेनॉल का सपना रखा था, तब लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने इथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का एक मजेदार किस्सा भी सुनाया। गडकरी ने कहा, "एक बार एक जाने-माने व्यक्ति ने मुझे फोन किया और कहा कि उनकी जीप खराब हो गई है और मैकेनिक बोल रहा है कि ऐसा इथेनॉल मिलाने की वजह से हुआ है। मैंने उनसे पूछा कि आपकी गाड़ी पेट्रोल से चलती है या डीजल से? उन्होंने कहा डीजल से। तब मैंने हंसते हुए कहा कि भाई, हम तो डीजल में इथेनॉल मिलाते ही नहीं हैं, फिर गाड़ी कैसे खराब हो गई? यानी इस ईंधन को बदनाम करने की काफी कोशिशें हुईं।"