बिहार में इबोला को लेकर अलर्ट, मुजफ्फरपुर में 12 लोग निगरानी में; स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों से मांगी तैयारी की रिपोर्ट

 

Patna: दुनिया के गंभीर संक्रामक रोगों में शामिल इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए बिहार स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। मुजफ्फरपुर में विदेश से लौटे तीन और लोगों को 21 दिनों की निगरानी सूची में शामिल किया गया है। इसके बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखे गए लोगों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में इबोला जैसी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। विभाग ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों, प्रमुख अस्पतालों, आयुष संस्थानों और जिलों के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों से उनकी तैयारियों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी है।

अस्पतालों से PPE किट और बॉडी बैग की जानकारी तलब

स्वास्थ्य विभाग ने संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में अस्पतालों को यह बताना होगा कि उनके पास कितनी PPE किट और बॉडी बैग उपलब्ध हैं। इसके अलावा, यदि किसी संसाधन की कमी है तो उसकी अतिरिक्त जरूरत और खरीद प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी भी देनी होगी।

विभाग का उद्देश्य राज्य के अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों, स्वास्थ्यकर्मियों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करना है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण की स्थिति में तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

एम्स पटना से लेकर जिला अस्पतालों तक मांगी गई रिपोर्ट

यह निर्देश एम्स पटना, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच समेत राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों, आयुष मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सभी सिविल सर्जन कार्यालयों को भेजा गया है। सभी संस्थानों से तय प्रारूप में अपनी मौजूदा तैयारियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर बिहार की समेकित रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, किसी भी गंभीर संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए समय रहते अस्पतालों की तैयारी, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।