15 दिन की मोहलत, फिर होगी कार्रवाई! राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
सोमवार से शुरू हुई जिलावार समीक्षा बैठक में मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिमी चंपारण, सहरसा और वैशाली जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, सरकारी भूमि सत्यापन, राजस्व महाअभियान, जन शिकायतों और अन्य लंबित मामलों की स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान विभागीय सचिव जय सिंह ने खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया।
बैठक में मंत्री डॉ. जायसवाल ने दाखिल-खारिज मामलों में डिफेक्ट चेक की प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आवेदन में कमी होने पर उसे स्पष्ट रूप से अंकित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में आवेदकों को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि उनके आवेदन में क्या त्रुटि है, जिससे अनावश्यक परेशानी बढ़ती है।
राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुबह से देर रात तक लगातार काम कर लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करें। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई हड़ताल के कारण जो कार्य प्रभावित हुए हैं, उन्हें अतिरिक्त मेहनत से पूरा करना होगा।
परिमार्जन कार्यों की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्रेशन अभियान को गति देने के लिए परिमार्जन मामलों का शीघ्र निष्पादन बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
बैठक में पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजीत सिंह, वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह तथा सहरसा के प्रभारी जिलाधिकारी शामिल हुए। वहीं वैशाली से विधायक अवधेश कुमार सिंह और सहरसा से विधायक आईपी गुप्ता, डॉ. गौतम कृष्ण तथा संजय कुमार सिंह भी समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे।
राजस्व मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगले 15 दिनों में कार्यों की प्रगति ही अधिकारियों के प्रदर्शन का पैमाना होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अपेक्षित सुधार नहीं दिखा तो जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग की इस सख्ती को राज्य में लंबित भूमि और राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में एक बड़े प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।