बिहार के 168 टॉपर्स का सम्मान, मेधावी छात्रों को 2 लाख तक का इनाम; अगले साल से एक महीने में होगा समारोह

 

 

Bihar news: बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को बुधवार को सम्मानित किया गया। लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टॉपर्स को मेडल, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मौजूद सभी 168 विद्यार्थी उनके लिए टॉपर हैं। उन्होंने छात्रों को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि मेहनत, प्रतिभा और लगन का नतीजा है।

टॉपर्स को 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार

इंटरमीडिएट और मैट्रिक के टॉप रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि तय की गई है। प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वालों को 1.5 लाख रुपये और तीसरे स्थान वाले विद्यार्थियों को 1 लाख रुपये दिए गए।

इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 30 हजार रुपये, जबकि मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक के विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिली।

खास बात यह रही कि सभी सम्मानित विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त 51 हजार रुपये भी दिए गए।

अगले साल रिजल्ट के एक महीने के भीतर सम्मान

मुख्यमंत्री ने टॉपर्स सम्मान समारोह के समय को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अभी तक नवंबर-दिसंबर के दौरान टॉपर्स को सम्मानित किया जाता था। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि का सम्मान जल्द मिलना चाहिए।

अब अगले साल से परीक्षा परिणाम जारी होने के एक महीने के भीतर टॉपर्स सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इससे छात्रों को उनकी सफलता के तुरंत बाद प्रोत्साहन मिल सकेगा।

नालंदा-विक्रमशिला की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर

समारोह में मुख्यमंत्री ने बिहार के पुराने शैक्षणिक गौरव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने प्राचीन समय में बिहार को ज्ञान और शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाया था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित किया गया है। वहीं विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भी 15 जुलाई को 200 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। सरकार का प्रयास है कि बिहार की शिक्षा की पुरानी पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाए।

700 मॉडल स्कूलों में कोचिंग और लाइव क्लास

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उन्होंने पूर्व छात्रों से भी अपने पुराने स्कूल और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पूर्व छात्रों को इस पहल से जोड़ा जाएगा।

युवाओं से बोले- नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार के साथ उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा सिर्फ नौकरी पाने की कोशिश न करें, बल्कि भविष्य में दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें।

उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 1,000 उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की बात

मुख्यमंत्री ने बिहार में जारी बाढ़ की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में इस बार करीब 38 प्रतिशत कम बारिश होने के बावजूद बाढ़ की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि हर साल राहत और बचाव अभियान चलाने के बजाय बाढ़ के स्थायी समाधान पर काम करने की जरूरत है। इसके लिए जल-चक्र और प्राकृतिक जल प्रवाह व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी।

छात्रों से बिहार के विकास में योगदान की अपील

सम्राट चौधरी ने सम्मानित छात्रों को बिहार के उज्ज्वल भविष्य की पहचान बताते हुए उनसे राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार से बाहर रहकर सफलता हासिल करने वाले लोग भी अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान दें।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी प्रतिभा और ज्ञान का इस्तेमाल बिहार को मजबूत और विकसित बनाने में करें। विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों के लिए संचालित ‘सहयोग पोर्टल’ का भी जिक्र किया गया।

टॉपर्स के साथ मुख्यमंत्री ने किया भोजन

सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए आयोजित प्रीति भोज में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की।

इस दौरान छात्र भी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।