राजस्थान के साहूवाला के गुप्ता बंधुओं के सहयोग से गया में भव्य भंडारा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित
गया: स्वामी राघवेंद्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, करजरा, गया में मानव सेवा एवं सामाजिक सरोकार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भव्य भंडारा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
राजस्थान के साहूवाला निवासी गुप्ता परिवार के भाइयों के विशेष सहयोग से आयोजित इस पुनीत कार्यक्रम में लगभग 1500 से 1700 जरूरतमंद एवं असहाय लोगों के बीच कंबल वितरित किए गए। बढ़ती ठंड को देखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों के लिए भव्य भंडारे की भी व्यवस्था की गई।
इस सेवा कार्य में प्रमुख रूप से बेंगलुरु के श्री रवि गुप्ता जी एवं चेन्नई के श्री प्रदीप बाबू जी तथा उनके अन्य भाइयों का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा।
कार्यक्रम में गया जी के प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री बादशाह डालमिया जी एवं श्री चरण डालमिया जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाविद्यालय के सचिव एवं श्री रामानुज मठ के महंत स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में कंबल वितरण एवं भंडारा कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्वामी जी ने स्वयं जरूरतमंद क्षेत्रीय बंधुओं के बीच कंबल वितरित किए तथा भोजन की व्यवस्था का संचालन किया।
इस अवसर पर स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में सेवा, करुणा और परोपकार को सर्वोच्च धर्म माना गया है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। समाज के असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करना ईश्वर की सच्ची आराधना है। उन्होंने गुप्ता परिवार के सभी भाइयों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उदारता एवं सेवा भावना से इतनी बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत पहुँचाने का पुनीत कार्य संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि समाज के संपन्न एवं सामर्थ्यवान लोगों को भी इस प्रकार के सेवा कार्यों में आगे आना चाहिए, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग और संवेदना पहुँच सके।
श्री बादशाह डालमिया जी एवं श्री चरण डालमिया जी ने भी इस सेवा आयोजन में अपनी सहभागिता प्रदान की।
राजस्थान, चेन्नई, बेंगलुरु एवं गया जी के गणमान्य महानुभावों के सहयोग और सहभागिता से संपन्न यह आयोजन सामाजिक एकता, सेवा भावना एवं सनातन संस्कृति के परोपकार सिद्धांत का प्रेरणादायी उदाहरण बना।
महाविद्यालय की यह पहल शिक्षा एवं चिकित्सा के साथ-साथ सामाजिक सेवा और मानव कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करती है।