बिहार में बनेगा राज्यस्तरीय सहकारी मार्केटिंग नेटवर्क, 500 करोड़ की पूंजी से बनेगा विपणन फेडरेशन

 

Bihar news: बिहार में किसानों और सहकारी संस्थाओं को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने तथा विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सहकारिता विभाग ने बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह फेडरेशन राज्यभर के किसानों, उत्पादक समूहों और सहकारी संस्थाओं को एक साझा विपणन मंच उपलब्ध कराएगा।

सहकारिता विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार फेडरेशन का मुख्यालय पटना स्थित विकास भवन में होगा और इसका कार्यक्षेत्र पूरे बिहार में फैला रहेगा। फेडरेशन किसानों की उपज के संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन की समुचित व्यवस्था विकसित करेगा, जिससे उन्हें अपनी फसल और उत्पादों का बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।

सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने इसे बिहार के सहकारी आंदोलन के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह संस्था किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें विपणन और मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया से भी जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सहकारिता आधारित मॉडल को प्राथमिकता दे रही है।

फेडरेशन की अधिकृत अंश पूंजी 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक शेयर का मूल्य 20 हजार रुपये और सदस्यता शुल्क 1,000 रुपये रखा गया है। इसकी सदस्यता प्रमंडल स्तरीय विपणन सहकारी संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों, केंद्रीय सहकारी समितियों और केंद्रीय सहकारी बैंकों को दी जाएगी।

फेडरेशन का संचालन 17 सदस्यीय निदेशक मंडल करेगा, जिसमें एक अध्यक्ष, 13 निर्वाचित निदेशक और 3 पदेन अथवा नामित निदेशक शामिल होंगे। अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। साथ ही सहकारिता और विपणन क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस फेडरेशन के गठन से बिहार के कृषि और ग्रामीण उत्पादों के लिए एक मजबूत विपणन नेटवर्क तैयार होगा। इससे किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और राज्य में सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।