पटना में सजी रंगों की अनोखी दुनिया: ‘लोककथा से चित्रकथा तक’ प्रदर्शनी में 52 कलाकारों की रचनात्मक चमक

 
Bihar news: राजधानी पटना में कला और संस्कृति का खूबसूरत संगम देखने को मिला, जब ललित काला अकादमी परिसर में तीन दिवसीय समूह कला प्रदर्शनी “लोककथा से चित्रकथा तक – कथा के रंग” का भव्य आगाज़ हुआ। 3 से 5 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में देशभर से आए 52 कलाकार अपनी रचनात्मकता का रंग बिखेर रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कलाकार शामिल हैं।

लोक परंपरा से आधुनिक अभिव्यक्ति तक

इस प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें लोककथाओं, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सोच का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। पेंटिंग, लोक कला और समकालीन माध्यमों के जरिए कलाकारों ने अपनी कल्पनाओं को जीवंत रूप दिया है, जो दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से जोड़ता है।

दिग्गजों ने किया उद्घाटन

प्रदर्शनी का उद्घाटन पद्मश्री सम्मानित प्रख्यात कलाकार श्याम शर्मा ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राखी कुमारी और विशिष्ट अतिथि के तौर पर मूर्तिकार Pintu Prasad मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने कलाकारों की रचनात्मकता और विविधता की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को कला संरक्षण के लिए जरूरी बताया।

कलाकारों को मिला मजबूत मंच

इस प्रदर्शनी का क्यूरेशन अभिप्सा और अनम ने किया है, जो उनकी 25वीं सफल प्रस्तुति है। उनके प्रयासों से उभरते और स्थापित कलाकारों को एक साझा मंच मिला है, जहां वे अपनी कला के जरिए नई पहचान बना रहे हैं।

कला प्रेमियों की उमड़ी भीड़

उद्घाटन के दिन बड़ी संख्या में कला प्रेमी, संग्राहक और दर्शक पहुंचे, जिससे पूरा माहौल उत्साह और रंगों से सराबोर नजर आया।