चांदी आयात पर सख्ती के बाद AIJGF की अपील, सप्लाई बाधित न हो और पारदर्शी व्यवस्था लागू करे सरकार

Patna: इस फैसले से देश के बुलियन और ज्वेलरी बाजार में नई चिंता पैदा हो गई है। All India Jewellers & Goldsmith Federation (AIJGF) के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, इसका सबसे बड़ा असर घरेलू सिल्वर सप्लाई चेन, ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग प्रीमियम और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं पर पड़ सकता है.
 

Patna: भारत सरकार ने ITC (HS) कोड 71069221 और 71069229 के अंतर्गत आने वाले सिल्वर बार / सेमी-मैन्युफैक्चर्ड सिल्वर बार की आयात नीति को “Free” से “Restricted” कर दिया है. यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसके बाद इन श्रेणियों के सिल्वर बार का आयात अब स्वतः नहीं हो सकेगा. आयातकों को नई नीति शर्तों, अनुमति व्यवस्था और संबंधित नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा.

इस फैसले से देश के बुलियन और ज्वेलरी बाजार में नई चिंता पैदा हो गई है। All India Jewellers & Goldsmith Federation (AIJGF) के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, इसका सबसे बड़ा असर घरेलू सिल्वर सप्लाई चेन, ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग प्रीमियम और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं पर पड़ सकता है. भारत में चांदी की मांग ज्वेलरी तक सीमित नहीं, बल्कि बर्तन, पूजा सामग्री, निवेश उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य उद्योगों में भी व्यापक है.

AIJGF ने आशंका जताई है कि यदि आयात प्रक्रिया में देरी, लाइसेंसिंग अनिश्चितता या क्लीयरेंस में बाधाएं आती हैं, तो घरेलू बाजार में चांदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है. इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले भारतीय बाजार में प्रीमियम बढ़ने और MCX व फिजिकल मार्केट में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा,

“यदि सरकार का उद्देश्य आयात की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाना है, तो उद्योग उसका समर्थन करता है। लेकिन नीति का क्रियान्वयन ऐसा हो कि वैध आयातकों, ज्वेलरी निर्माताओं और छोटे व्यापारियों की सप्लाई चेन बाधित न हो।”

प्रदेश महासचिव प्रेम नाथ गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा,

“यह निर्णय घरेलू सिल्वर प्रीमियम बढ़ा सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहने के बावजूद भारत में कीमतें ऊंचे प्रीमियम पर ट्रेड कर सकती हैं। इसलिए सरकार और Directorate General of Foreign Trade (DGFT) को आयात अनुमति की प्रक्रिया पर तुरंत स्पष्टता देनी चाहिए, ताकि भ्रम और अनावश्यक सट्टेबाजी न बढ़े।”

AIJGF ने स्पष्ट किया कि यह कदम रिटेल ज्वेलरी बिक्री पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन रॉ मटेरियल आयात पर नियंत्रण के कारण आने वाले दिनों में घरेलू कीमतों और उपलब्धता पर असर दिख सकता है।

AIJGF की प्रमुख मांगें

  1. DGFT तत्काल विस्तृत क्लैरिफिकेशन जारी करे।
  2. वैध बुलियन व ज्वेलरी आयातकों के लिए फास्ट-ट्रैक अप्रूवल मैकेनिज्म बने।
  3. छोटे और मध्यम ज्वेलर्स की सप्लाई बाधित न हो।
  4. आर्टिफिशियल प्रीमियम और होर्डिंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए।
  5. MCX और फिजिकल मार्केट प्रीमियम पर सरकार की कड़ी नजर रहे