बांकीपुर उपचुनाव से पहले वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी हलचल, पूर्व विधायक सतीश कुमार के घर में दिखा ‘दो खेमों’ का खेल!

 

Bihar news: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वायरल वीडियो ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें राघोपुर के पूर्व विधायक सतीश कुमार के बेटे डॉ. इंद्रजीत कुमार और उनके करीबी माने जाने वाले महंत ब्रजेश मुनि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थन में नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर पूर्व विधायक सतीश कुमार खुद भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में एक ही परिवार से जुड़े लोगों की अलग-अलग राजनीतिक सक्रियता को लेकर बांकीपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

मीठापुर के मठ का बताया जा रहा वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पटना के मीठापुर स्थित एक मठ का बताया जा रहा है। वीडियो में प्रशांत किशोर की मौजूदगी के बीच महंत ब्रजेश मुनि लोगों से जन सुराज के समर्थन में मतदान की अपील करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान डॉ. इंद्रजीत कुमार मोबाइल से वीडियो बनाते और तालियां बजाते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में महंत ब्रजेश मुनि प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए उन्हें केवल विधायक ही नहीं, बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर देखने की बात भी कहते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पिता भाजपा के साथ, बेटे और करीबी का पीके को समर्थन!

इस पूरे मामले ने इसलिए भी राजनीतिक रंग ले लिया है, क्योंकि पूर्व विधायक सतीश कुमार बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वहीं, उनके बेटे डॉ. इंद्रजीत कुमार और करीबी माने जाने वाले महंत ब्रजेश मुनि के प्रशांत किशोर के पक्ष में दिखाई देने से सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इसे लेकर स्थानीय स्तर पर लोग अलग-अलग तरह के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग इसे एक ही परिवार में अलग-अलग राजनीतिक रुख के तौर पर देख रहे हैं।

बांकीपुर के चुनावी समीकरण पर कितना पड़ेगा असर?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पहले से ही बिहार की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल है। भाजपा अपने मजबूत जनाधार को बचाने की कोशिश में जुटी है, जबकि जन सुराज इस सीट पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। ऐसे में वायरल वीडियो ने चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो या व्यक्तिगत राजनीतिक समर्थन का चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसका वास्तविक प्रभाव मतदान के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े लोगों की अलग-अलग राजनीतिक सक्रियता ने बांकीपुर के चुनावी दंगल में एक नया एंगल जरूर जोड़ दिया है।