4 अरब डॉलर की डील पर घमासान: अनिल अग्रवाल बनाम गौतम अडानी, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
मामला दिवालिया हो चुकी कंपनी जयप्रकाश असोसिएट्स की संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़ा है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए वेदांता और अडानी ग्रुप के बीच कड़ी टक्कर हुई थी, लेकिन अंततः लेनदारों की समिति ने अडानी ग्रुप की बोली को मंजूरी दे दी।
वेदांता ग्रुप का दावा है कि उसकी बोली ज्यादा बड़ी और फायदेमंद थी। कंपनी के मुताबिक उसने करीब 1.8 बिलियन डॉलर की पेशकश की थी, जबकि अडानी ग्रुप की बोली लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की थी। इसके बावजूद अडानी ग्रुप को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।
लेनदारों की दलील है कि अडानी ग्रुप ने अधिक ‘अपफ्रंट पेमेंट’ यानी तुरंत भुगतान की पेशकश की, जो उनके लिए ज्यादा सुरक्षित और आकर्षक थी। वहीं, वेदांता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है और डील पर रोक लगाने की मांग की है।
इस विवाद का एक दिलचस्प पहलू बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी है, जो इसी डील का हिस्सा है। देश का इकलौता फॉर्मूला वन ट्रैक पिछले 13 वर्षों से बंद पड़ा है, लेकिन अडानी ग्रुप इसे फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है।
अब इस हाई-प्रोफाइल कारोबारी टकराव पर सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से तय होगा कि अरबों डॉलर की इस ड