अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्यवस्था बदहाल की आयी तस्वीर, स्ट्रेचर न मिलने पर स्कूटी से मरीज को ले जाना पड़ा
जानकारी के अनुसार, प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ (हफनी) की शिकायत के बाद उनके पोते द्वारा मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद न तो मरीज को तुरंत उचित इलाज मिला और न ही डॉक्टर समय पर उपलब्ध थे। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से स्ट्रेचर मांगा गया, तो कथित रूप से यह कह दिया गया कि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में युवक ने अपनी दादी को स्कूटी पर बैठाया और उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मिल जातीं, तो उन्हें इस तरह जोखिम उठाकर मरीज को ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। उनका कहना है कि यह घटना न केवल अस्पताल की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ भी है।
वहीं, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन ने अलग रुख अपनाया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह आश्वासन जरूर दिया कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है।