पर्यटन मंत्री बने अरुण शंकर प्रसाद, कहा—बिहार दुनिया का अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर केंद्र, पर्यटन को नई ऊंचाई देंगे

 

Bihar news: बिहार सरकार में नए पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मंगलवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। विभागीय मुख्यालय में आयोजित समारोह में पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह, बिहार पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर, पर्यटन निदेशक-सह-विशेष सचिव उदयन मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

पदभार संभालते ही मंत्री ने बिहार के पर्यटन क्षेत्र को लेकर अपनी व्यापक दृष्टि और प्राथमिकताएँ सामने रखीं। उन्होंने कहा कि बिहार न केवल भारत की, बल्कि विश्व की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का केंद्र है जिसमें बौद्ध, जैन, रामायण, सूफी और इको सर्किट जैसी विरासतें शामिल हैं।

“बिहार को सिर्फ देखने नहीं—महसूस करने आता है पर्यटक”

मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि राज्य में आने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि, “हम सभी जब कहीं पर्यटक बनकर जाते हैं तो जानते हैं कि बुनियादी सुविधाएँ कितनी जरूरी होती हैं। उसी आधार पर बिहार के पर्यटन ढांचे को बेहतर और आधुनिक बनाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि विभाग पहले से कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, लेकिन अब उन्हें तेज़ी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोप-वे, कॉरिडोर और फाइव-स्टार होटल — बड़े प्रोजेक्टों को मिली रफ्तार

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान पर्यटन से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए थे। इनमें प्रमुख हैं:
    •    सीतामढ़ी के पुनौराधाम में भव्य मंदिर निर्माण
    •    सोनपुर हरिहरक्षेत्र कॉरिडोर
    •    गया में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर
    •    बोधगया महाबोधि कॉरिडोर और मेडिटेशन सेंटर
    •    पटना, राजगीर, नालंदा और वैशाली में फाइव-स्टार होटल निर्माण

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीता जन्मस्थली परियोजना उनकी सबसे प्राथमिक योजनाओं में शामिल है और इसे तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। साथ ही राज्य के कई रमणीय स्थलों पर बन रहे रोप-वे का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

बिहार में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी, लक्ष्य—टॉप 5 राज्य बनना

मंत्री ने बताया कि आम धारणा के विपरीत बिहार में पर्यटकों का आगमन लगातार बढ़ रहा है।
    •    वर्ष 2024 में 6.60 करोड़ पर्यटक बिहार आए थे।
    •    वहीं 2025 के सितंबर तक ही 5.10 करोड़ यात्रियों ने बिहार भ्रमण किया।

उन्होंने कहा कि बिहार वर्तमान में देश के टॉप 10 पर्यटन राज्यों में शामिल है और लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में टॉप 5 में पहुँचना है।

उन्होंने कहा, “आज बड़ी संख्या में पर्यटक बिहार में रुककर यहाँ की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सुंदरता का अनुभव ले रहे हैं। यह पर्यटन उद्योग के लिए बड़ी संभावना का संकेत है।”

पर्यटन से रोजगार सृजन पर फोकस

मंत्री ने कहा कि बिहार का पर्यटन क्षेत्र बहुआयामी है और इसमें रोज़गार सृजन की अपार संभावनाएँ हैं।
सरकार की प्राथमिकता होगी:
    •    पर्यटन स्थलों का विकास,
    •    बुनियादी सुविधाओं में सुधार,
    •    निजी निवेश को आकर्षित करना,
    •    और पर्यटन नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन को और प्रभावी बनाना।

उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुरक्षा, सुविधाएँ और सहज यात्रा अनुभव देने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।