सम्राट के मुख्यमंत्री बनते ही राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई…कुल 47 सीओ निलंबित हुये

 
Bihar news: बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है. राज्य सरकार ने एक साथ कुल 41 अधिकारियों पर एक्शन लेते हुए कुल 47 अंचलाधिकारियों (सीओ) को निलंबित कर दिया है. इस कदम को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है. उक्त अधिकारियों पर कार्य में लापरवाही, अनियमितता और शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है. सरकार के इस फैसले से पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है.

निलंबित अधिकारियों में राज्य के विभिन्न जिलों के अंचलाधिकारी शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
1. अमलेश कुमार (एकमा, सारण)
2. सौरभ कुमार (दावथ, रोहतास)
3. संजीव कुमार (पूर्णिया पूर्व)
4. विश्वास आनंद (घाटकुसुम्बा, शेखपुरा)
5. रंजित कुमार उपाध्याय (मखदुमपुर, जहानाबाद)
6. लखेंद्र कुमार (पिरो, भोजपुर)
7. नजमुल हसन (जोकीहाट, अररिया)
8. मोहित सिन्हा (परवलपुर, नालंदा)
9. मधुसुदन चौरसिया (नोखा, रोहतास)
10. प्रेम आनंद प्रसाद (सोनभद्र बंसी सूर्यपुर, अरवल)
11. अमित कुमार (बेलदौर, खगड़िया)
12. रश्मि प्रिया (राघोपुर, सुपौल)
13. पुष्कल कुमार (पहाड़पुर, पूर्वी चंपारण)
14. निकिता अग्रवाल (श्रीनगर, पूर्णिया)
15. नरेंद्र कुमार सिंह (बाढ़, पटना)
16. विवेक कुमार सिंह (गौनाहा, पश्चिम चंपारण)
17. अर्चना कुमारी (टेटिया बंबर, मुंगेर)
18. सुमन सौरभ (हिसुआ, नवादा)
19. पुनीत कौशल (खगड़िया सदर)
20. गजानंद मेहता (बेलागंज, गया)
21. शैलेन्द्र कुमार यादव (दाउदनगर, औरंगाबाद)
22. कुमार रोहित (तरियानी, शिवहर)
23. आयुष चंद्र हंस (एकांगारसराय, गोपालगंज)
24. रजत कुमार बर्नवाल (गोपालगंज)
25. रविकांत (लक्ष्मीपुर, जमुई)
26. प्रशांत कुमार झा (झंझारपुर, मधुबनी)
27. रंधीर रमण (विभूतिपुर, समस्तीपुर)
28. रविकांत (मनिगाछी, दरभंगा)
29. सतीश कुमार गुप्ता (चांद, कैमूर)
30. नंदन कुमार (चेरिया बरियारपुर, बेगूसराय)
31. राकेश आनंद (बड़हिया, लखीसराय)
32. उदयकांत मिश्र (चौसा, मधेपुरा)
33. मनीष कुमार (बरारी, कटिहार)
34. मोहित राज (पोठिया, किशनगंज)
35. पंकज कुमार (सिसवन, सिवान)
36. सतीश कुमार सिंह (इसुआपुर, सारण)
37. विश्वजीत सिंह (बोचहां, मुजफ्फरपुर)
28. संजय कुमार (सहायक चकबंदी पदाधिकारी, भोजपुर)
39. राम विकास सिंह (राजस्व अधिकारी, जहानाबाद)
40. विवेक कुमार मिश्रा (ADLAO, मधुबनी)
41. सुधीर ओंकारा (राजस्व अधिकारी, मुख्यालय)

बहरहाल, विशेषज्ञों का मानना है कि सम्राट चौधरी सरकार के गठन से पहले की गई यह बड़ी कार्रवाई प्रशासनिक कसावट, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। इससे यह स्पष्ट संकेत गया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार सख्त रुख अपनाने वाली है।