राजगीर में पहली बार एशियाई रग्बी अंडर-20 सेवेंस चैंपियनशिप का आगाज़

 

राजगीर की ऐतिहासिक धरती गुरुवार को एक नए खेल अध्याय की गवाह बनी। पहली बार यहां एशियाई रग्बी अंडर-20 सेवेंस चैंपियनशिप का रंगारंग शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता 9 और 10 अगस्त को आयोजित की जा रही है, जिसमें 9 देशों की 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

उद्घाटन समारोह में बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और रग्बी इंडिया के अध्यक्ष व अभिनेता राहुल बोस मौजूद रहे। मंच पर बिहार की संस्कृति को झिझिया और सामा-चकेवा जैसे पारंपरिक नृत्यों के जरिए शानदार ढंग से पेश किया गया, जिसे देख विदेशी मेहमान भी झूम उठे। राहुल बोस ने इस मौके पर कहा, “पिछले 4-5 साल में भारत ने रग्बी में 22 पदक जीते हैं, जिनमें से 17 अकेले बिहार के खिलाड़ियों के नाम हैं। यहां की प्रतिभा और खेल सुविधाएं देश में सबसे बेहतरीन हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि राजगीर का खेल विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस है और इस आयोजन की मेजबानी के लिए यह बिल्कुल सही जगह है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह आयोजन बिहार की तरक्की का प्रमाण है, जबकि खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का नतीजा बताया।

प्रतियोगिता में भारत, चीन, हांगकांग, यूएई, कज़ाख़स्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया और नेपाल की पुरुष व महिला टीमें भाग ले रही हैं। कुल 192 खिलाड़ी, 32 कोच और 50 तकनीकी अधिकारी इस टूर्नामेंट का हिस्सा हैं। भारतीय टीम में भी बिहार का दबदबा है- पुरुष वर्ग में गोल्डन कुमार और सागर प्रकाश, जबकि महिला वर्ग में आरती कुमारी, अनशु कुमारी, अल्पना कुमारी और गुड़िया कुमारी शामिल हैं।

राजगीर का खेल परिसर देश के सबसे आधुनिक खेल स्थलों में गिना जाता है। यहां 45,000 दर्शकों की क्षमता वाला मुख्य स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी, फुटबॉल, टेनिस और स्विमिंग पूल जैसे ढांचे मौजूद हैं। बिहार सरकार का कहना है कि भविष्य में यहां और भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराए जाएंगे, जिससे खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर पहचान बनाने का मौका मिलेगा।