लोकमान्य तिलक की जयंती पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनके विचारों ने जगाई स्वराज्य की अलख

 

Bihar news: महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और राष्ट्रवादी आंदोलन के प्रमुख नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती के अवसर पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लोकमान्य तिलक के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में शामिल थे और उनके विचारों ने देशवासियों में आजादी की भावना को मजबूत किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक के ओजस्वी नारे “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” ने भारतीयों के भीतर राष्ट्रभक्ति और स्वाधीनता की भावना को नई ऊर्जा दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में ‘लाल-बाल-पाल’ की तिकड़ी का विशेष स्थान है। लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करते हुए पूर्ण स्वराज्य की मांग को देशव्यापी स्वर दिया।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक स्वतंत्रता आंदोलन के गरम दल के प्रमुख नेताओं में थे। उनके राष्ट्रवादी विचारों और संघर्ष की भावना ने आगे चलकर भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों को भी प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि तिलक ने पत्रकारिता के माध्यम से भी जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया। ‘केसरी’ और ‘मराठा’ जैसे समाचार पत्रों के जरिए उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सुधार, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विचारों को जनता तक पहुंचाया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकमान्य तिलक का जीवन और उनका संघर्ष आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति प्रेरित करता है। उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए तिलक का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।