वृद्धजनों के सम्मान और सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। बुजुर्ग हमारे अनुभव, संस्कार और परंपराओं के वाहक हैं, इसलिए उनका सम्मान और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2011 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी, ताकि दुनिया भर में वृद्धजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके और उनके मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस वर्ष की थीम “जागरूकता से परे: बुजुर्ग दुर्व्यवहार की रोकथाम को कारगर बनाना” का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल जागरूकता फैलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वृद्धजनों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाना भी आवश्यक है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे बुजुर्गों को सम्मानजनक वातावरण प्रदान करें, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखें और उन्हें परिवार तथा समाज में उचित स्थान दें। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना ही एक समावेशी एवं मानवीय समाज के निर्माण की आधारशिला है।