141 दिन बाद ‘बाहुबली’ की वापसी! अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, 200 गाड़ियों के काफिले से गूंजा मोकामा
200 गाड़ियों का काफिला, रास्ते भर स्वागत
पटना से मोकामा तक का सफर किसी राजनीतिक शो से कम नहीं दिखा। करीब 200 गाड़ियों के काफिले के साथ निकले अनंत सिंह का जगह-जगह समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।
अथमलगोला से लेकर पंडारक तक ‘शेर-ए-बिहार’ के नारों से इलाका गूंज उठा, वहीं जेसीबी मशीन से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया।
मंदिरों में माथा टेक, कुलदेवी से लिया आशीर्वाद
रिहाई के बाद उन्होंने लखीसराय के प्रसिद्ध मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इसके बाद अपने पैतृक गांव नदवां पहुंचकर कुलदेवी की पूजा की और मंदिर निर्माण का संकल्प भी लिया। मोकामा के परशुराम मंदिर में विशेष आरती कर उन्होंने धार्मिक आस्था का संदेश दिया।
पैदल मार्च और पुरानी सियासत की झलक
मोकामा बाजार में अनंत सिंह ने पैदल मार्च कर समर्थकों का अभिवादन किया।
दिलचस्प बात यह रही कि वे अपने पुराने विरोधी सूरजभान सिंह के पेट्रोल पंप तक पैदल पहुंचे, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
141 दिन बाद जेल से राहत
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2025 को दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनका नाम सामने आने के बाद 1 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
करीब 141 दिन जेल में रहने के बाद पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर 23 मार्च को उनकी रिहाई हुई।
बोले—“मुझे साजिश के तहत फंसाया गया”
जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया।
उन्होंने कहा कि घटना के समय वे मौके से दूर थे और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है।
सियासी पारा चढ़ा
रिहाई के साथ ही जिस तरह का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, उसने साफ संकेत दे दिया है कि मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह की एंट्री फिर से जोरदार अंदाज़ में हो चुकी है। आने वाले दिनों में इसका असर पूरे बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है।