भोजपुरी स्टार की सियासी करवट! PK का साथ छूटते ही दिल्ली पहुंचे रितेश पांडेय, क्या BJP की ‘स्टार ब्रिगेड’ में होगी एंट्री?

 

Bihar news: बीजेपी में एक और भोजपुरी कलाकार की एंट्री की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मनोज तिवारी, रवि किशन, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और पवन सिंह के बाद अब इस सूची में भोजपुरी गायक-अभिनेता रितेश पांडेय का नाम जुड़ता दिख रहा है। एक दिन पहले ही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से नाता तोड़ने वाले रितेश पांडेय का दिल्ली पहुंचना और बीजेपी के बड़े नेता के साथ नजर आना सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा रहा है।

PK को छोड़ा, दिल्ली में BJP नेताओं संग दिखे

जन सुराज से इस्तीफे के बाद रितेश पांडेय सीधे दिल्ली पहुंचे, जहां वे बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ नजर आए। हालांकि रितेश ने अभी तक औपचारिक रूप से बीजेपी ज्वाइन करने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनकी मौजूदगी ने अटकलों को हवा दे दी है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही मनोज तिवारी और रवि किशन जैसी बीजेपी की ‘स्टार प्रचारक टीम’ का हिस्सा बन सकते हैं।

जन सुराज में चुनावी सफर रहा फीका

रितेश पांडेय ने बड़े जोश के साथ जन सुराज के अभियान में कदम रखा था और रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा। लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें करारी हार मिली। जेडीयू उम्मीदवार वशिष्ठ सिंह ने उन्हें भारी अंतर से शिकस्त दी। कुल मिलाकर बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इस्तीफे के पीछे रितेश ने ‘व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों’ का हवाला दिया है।

भोजपुरी सितारे और BJP का पुराना रिश्ता

बीजेपी और भोजपुरी कलाकारों की जोड़ी पहले भी कारगर साबित हुई है। मनोज तिवारी और रवि किशन ने अन्य दलों से राजनीति शुरू की थी, लेकिन बीजेपी में आकर वे मजबूत चेहरे बनकर उभरे। वहीं निरहुआ ने सीधे बीजेपी से जुड़कर चुनावी जीत दर्ज की। ऐसे में रितेश पांडेय की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें बिहार और पूर्वांचल की राजनीति में एक नए चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा सकती है। खासकर युवाओं और ग्रामीण इलाकों में उनकी पकड़ मानी जाती है।

आगे क्या? सस्पेंस बरकरार

रितेश पांडेय का कहना है कि प्रशांत किशोर के विचारों के प्रति उनके मन में आज भी सम्मान है, लेकिन मौजूदा हालात में वे खुद को जन सुराज के साथ आगे नहीं देख पा रहे थे। भविष्य की सियासी रणनीति पर उन्होंने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन बीजेपी नेताओं के साथ उनकी बढ़ती सक्रियता यह संकेत जरूर दे रही है कि नई पारी की तैयारी शुरू हो चुकी है।

बिहार की राजनीति में नए समीकरण

अगर रितेश पांडेय बीजेपी का दामन थामते हैं, तो यह जन सुराज के लिए झटका और बीजेपी के लिए भोजपुरी बेल्ट में मजबूती का मौका होगा। सवाल बस इतना है क्या रितेश सिर्फ स्टार प्रचारक बनेंगे या पार्टी उन्हें कोई बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी भी सौंपेगी? जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।