मिड-डे मील में सांप जैसा कीड़ा मिलने पर बड़ा एक्शन, प्रधानाध्यापिका सस्पेंड; 4 रसोइयों की सेवा खत्म

 

Bihar News: जिले के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन में सांप जैसा कीड़ा मिलने के मामले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की है। कन्या मध्य विद्यालय भूतौली-मालपा की प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है, जबकि स्कूल में खाना बनाने वाली चार रसोइयों की सेवा समाप्त कर दी गई है।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश के बाद विभाग ने मामले में कार्रवाई तेज की। इसके अलावा प्रखंड साधनसेवी के मानदेय में 25 फीसदी कटौती करने का आदेश भी दिया गया है। विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक से भी पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है।

खाने में कीड़ा मिलने से मचा था हड़कंप

मामला चौथम प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय भूतौली-मालपा का है। गुरुवार को बच्चों को परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन में सांप जैसा कीड़ा मिलने की बात सामने आई थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखने को मिली।

मामले की सूचना शिक्षा विभाग तक पहुंची तो तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापिका संजुला कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मानसी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है।

चार रसोइयों पर भी गिरी गाज

जांच के बाद विद्यालय में कार्यरत चार रसोइयों—सुलेखा देवी, मनोरमा देवी, अनिला देवी और नीलम देवी—की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभाग ने स्कूल में नए रसोइयों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

वहीं, प्रखंड साधनसेवी बचनदेव कुमार के मानदेय में 25 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया गया है। साथ ही मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक से भी जवाब-तलब किया गया है।

दो सदस्यीय टीम ने की मामले की जांच

घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई थी। मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक और चौथम प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से मामले की जांच की। जांच में स्कूल में मध्याह्न भोजन के संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल में खाना पकाने के लिए जलावन के तौर पर बलड़ी यानी मक्के के सूखे डंठल का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने इसे भी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर लापरवाही माना है।

शिक्षा मंत्री ने दिया सख्त संदेश

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के भोजन और उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार कर्मियों और अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई जारी रहेगी।

मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में खगड़िया की घटना ने स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग की ताजा कार्रवाई के बाद अब स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी और सख्त किए जाने की उम्मीद है।