दरभंगा राज की प्रॉपर्टी पर सरकार का बड़ा एक्शन! कामसुंदरी देवी की सम्पत्ति कब्जे की प्रक्रिया शुरू, डेडलाइन तय
Darbhanga News: बिहार सरकार दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुन्दरी देवी की संपत्ति दखल करेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पहले चरण में आम लोगों से आपत्तियां मांगी जा रही हैं। दखल का आधार यह होगा कि संपत्ति के उत्तराधिकारी के बारे में महारानी की ओर से कोई वसीयत नहीं छोड़ी गई है। वह नि:संतान थीं।
ध्यान रहे कि उनका निधन इसी साल 12 जनवरी को हुआ है। इससे पहले राज्य सरकार बेतिया राज की अवैध कब्जे वाली जमीन पर दखल के लिए अधिनियम बना चुकी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जांच के बाद यह तय कर लिया है कि अपने हिस्से की चल-अचल संपत्ति के उत्तराधिकारी के बारे में अंतिम महारानी कामसुन्दरी देवी की कोई वसीयत नहीं है। ऐसा कोई दूसरा दस्तावेज भी नहीं है, जिसके आधार पर उत्तराधिकार का दावा किया जा सके। यही उनकी संपत्ति पर सरकार के दखल का आधार बनेगा।
इसके अलावा दरभंगा राज की उन संपत्तियों का भी विवरण जुटाया जा रहा है, जिनका विधिवत बंटवारा और लाभार्थियों के बीच वैध तरीके से हस्तांतरण नहीं हुआ है। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने 1987 में एक आदेश दिया था। उसमें कहा गया था कि आपसी सहमति के आधार पर हितधारकों के बीच संपत्ति वितरण किया जाएगा। इसमें कुछ संपत्ति महाराज कामेश्वर सिंह के नाम से स्थापित ट्रस्ट के पास भी है। अचल संपत्ति के अलावा कोषागार एवं बैंकों में रखी गई चल संपत्ति भी है। सूत्रों ने बताया कि बिहार सरकार उस जमीन का भी विवरण जुटा रही है, जो कभी दरभंगा राज की थी और अब उस पर अवैध कब्जा है।
राजस्व विभाग ने 10 मई 26 तक आम लोगों से आपत्तियां मांगी है। इसके बाद संपत्ति के अधिग्रहण के लिए अधिनियम बनाया जाएगा। इससे पहले सरकार बेतिया राज की संपत्ति के अधिग्रहण के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए अधिनियम बनाया गया है। सरकार बेतिया राज की अवैध कब्जे वाली संपत्ति का पता लगा रही है। कुछ ऐसा ही अधिनियम दरभंगा राज की संपत्ति के अधिग्रहण के लिए भी बनाया जाएगा।