मोतिहारी में खाकी पर बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेकर कैदियों की अवैध मुलाकात कराने के आरोप में 10 पुलिसकर्मी निलंबित
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार, एसपी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उपकारा और मंडल कारा से कोर्ट में पेशी के लिए लाए जाने वाले कुछ बंदियों को सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी नियमों को दरकिनार कर उनके परिचितों और अन्य लोगों से मिलने की अनुमति दे रहे हैं। आरोप था कि इसके बदले में अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने गुप्त जांच के आदेश दिए। डीएसपी स्तर पर की गई औचक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आया नियमों के उल्लंघन का मामला
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बंदियों को अनधिकृत व्यक्तियों से मिलवा रहे थे। इसे पुलिस मैनुअल का उल्लंघन, विभागीय अनुशासन के खिलाफ और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना गया।
रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने सभी दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया।
एसपी का स्पष्ट संदेश
कार्रवाई के बाद एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
घटना के बाद कोर्ट परिसर और हाजत सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची
एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार निलंबित कर्मियों में तीन हवलदार और सात सिपाही शामिल हैं—
हवलदार:
* राम कुमार यादव
* मनमोहन शर्मा
* रंजीत कुमार सिंह
सिपाही:
* सदानंद कुमार
* ललटू कुमार
* अदालत कुमार
* आदित्य कुमार
* संदीप कुमार
* रघुन कुमार
* संतोष कुमार आनंद
यह कार्रवाई जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ अपनाई जा रही सख्त नीति का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।