बिहार की सियासत में ‘हम’ का बड़ा दांव! विधायकों को पटना तलब, सरकार गठन से पहले तेज हुई हलचल
विधायकों को सख्त निर्देश, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में विधायकों की अनिवार्य उपस्थिति को संगठनात्मक अनुशासन और रणनीतिक जरूरत बताया गया है। वहीं, मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि आने वाले दो दिन बेहद अहम हैं, इसलिए सभी विधायकों को एकजुट रहना जरूरी है ताकि किसी भी बड़े फैसले की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।
राजभवन से लेकर नेताओं के आवास तक हलचल
एक तरफ ‘हम’ पार्टी अपने विधायकों को साधने में जुटी है, तो दूसरी ओर राजभवन में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्यपाल सचिव द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों—DM, SSP और कमिश्नर—के साथ बैठक बुलाई गई है। वहीं भाजपा नेता सम्राट चौधरी के आवास पर भी लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिससे साफ है कि नई सरकार का खाका लगभग तैयार हो चुका है।
निर्णायक भूमिका में ‘हम’
मौजूदा राजनीतिक समीकरण में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी किसी बड़े फैसले पर मुहर लगाने की तैयारी में है, जिसके लिए विधायकों की मौजूदगी जरूरी कर दी गई है।
शपथ ग्रहण की तारीखों पर अटकलें तेज
राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों की रफ्तार को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण 14 या 15 अप्रैल को हो सकता है। बिहार लोक भवन में चल रही तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी इसी ओर इशारा कर रही है।
बिहार की सियासत अब निर्णायक मोड़ पर है और अगले 48 घंटे राज्य की सत्ता की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।