गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला: बिहार की सभी चीनी मिलों में बनेंगी टिशू कल्चर और मिट्टी जांच लैब

Bihar news: गन्ना उद्योग विभाग की पहल, मिलों से मांगे गए प्रस्ताव; उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने पर फोकस
 
Bihar news: बिहार के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की सभी कार्यरत चीनी मिलों में अब टिशू कल्चर प्रयोगशाला, मिट्टी जांच केंद्र और बायो कंट्रोल लैब स्थापित की जाएंगी। इसको लेकर गन्ना उद्योग विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है और मिल प्रबंधन से जल्द प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है।

उन्नत बीज और बेहतर पैदावार की तैयारी

विभाग का उद्देश्य गन्ना के नाभिकीय बीज, प्रजनन बीज और आधार बीज के विस्तार के साथ उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि करना है। टिशू कल्चर लैब के जरिए उन्नत और रोगमुक्त पौध तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों को बेहतर किस्म का रोपण सामग्री मिल सकेगी। इससे पैदावार बढ़ेगी और फसल की गुणवत्ता भी सुधरेगी।

खेत की सेहत पर रहेगा खास ध्यान

मिट्टी जांच केंद्रों की स्थापना से किसानों को अपने खेत की उर्वरता की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग, लागत में कमी और फसल चक्र की वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।

साथ ही बायो कंट्रोल लैब के माध्यम से कीट और रोग प्रबंधन के लिए जैविक उपायों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी।

जिलों में तेज हुई प्रक्रिया

ईख आयुक्त ने बगहा, बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सीवान के सहायक निदेशकों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित चीनी मिलों के महाप्रबंधकों से समन्वय कर जल्द प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। विभाग ने इसके लिए समय-सीमा भी तय की है, ताकि योजना को शीघ्र जमीन पर उतारा जा सके।

यदि यह पहल तय समय पर लागू होती है, तो बिहार का गन्ना उद्योग तकनीकी रूप से और मजबूत होगा। किसानों को उन्नत पौध, वैज्ञानिक सलाह और बेहतर उत्पादन का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे चीनी उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को नई गति मिल सकती है।