SC-ST मेधावियों पर सरकार की बड़ी सौगात! 5 साल में 9.78 लाख छात्रों को मिली 941 करोड़ की छात्रवृत्ति
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत 10वीं परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये और द्वितीय श्रेणी वालों को 8 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। वहीं 12वीं परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास छात्राओं को 15 हजार रुपये और द्वितीय श्रेणी से सफल छात्राओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में अब तक 1 लाख 63 हजार 826 छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में 1 लाख 87 हजार 298, वर्ष 2023 में 1 लाख 64 हजार 790, वर्ष 2022 में 1 लाख 58 हजार 760, वर्ष 2021 में 1 लाख 40 हजार 267 और वर्ष 2020 में 1 लाख 63 हजार 365 विद्यार्थियों को योजना से जोड़ा गया था।
सरकार का मानना है कि इस योजना का सकारात्मक असर खासतौर पर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में देखने को मिला है, जहां अब एससी-एसटी समुदाय के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आर्थिक सहायता मिलने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बिना वित्तीय दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।
विभाग ने जानकारी दी है कि वर्ष 2026 में परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राएं जल्द ही आधिकारिक पोर्टल MedhaSoft Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए अंकपत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।