बिहार के पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, 7 सरकारी संस्थानों के 10 कोर्सों को मिली NBA मान्यता
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन संस्थानों को यह मान्यता मिली है उनमें राजकीय पॉलिटेक्निक, औरंगाबाद का मैकेनिकल इंजीनियरिंग, राजकीय पॉलिटेक्निक, छपरा का इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, राजकीय पॉलिटेक्निक, किशनगंज और सुपौल का मैकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शामिल है।
इसके अलावा राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को भी एनबीए की मान्यता मिली है। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक, पश्चिम चंपारण के मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा न्यू गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक (एनजीपी), पटना-13 के इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को भी यह उपलब्धि हासिल हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में न्यू गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, पटना-13 को सिविल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए भी एनबीए मान्यता मिल चुकी थी। लगातार मिल रही इन उपलब्धियों को बिहार में तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने खुशी जताते हुए कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से तकनीकी संस्थानों में मान्यता प्राप्त करने की चुनौती थी, लेकिन शिक्षकों, अधिकारियों और संस्थानों के सामूहिक प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि रिसर्च, नवाचार और प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में राज्य के अन्य तकनीकी संस्थानों को भी एनबीए मान्यता दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा। वहीं अपर सचिव-सह-निदेशक अहमद महमूद ने इसे दो वर्षों की सतत मेहनत और टीमवर्क का परिणाम बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनबीए मान्यता मिलने से इन संस्थानों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिलेगी। साथ ही रोजगार, उच्च शिक्षा और उद्योगों के साथ जुड़ाव के नए अवसर भी खुलेंगे। इससे बिहार के तकनीकी संस्थानों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और छात्रों का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
विभाग का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक तकनीकी संस्थानों को राष्ट्रीय मान्यता दिलाकर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।