पटना में गैस सप्लाई पर उठे बड़े सवाल: ‘डिलीवर’ का मैसेज आया, लेकिन घर तक नहीं पहुंचा सिलेंडर

रसोई गैस की किल्लत से लोग परेशान, प्रशासन सख्त; ब्लैक मार्केटिंग के शक में डिलीवरी बॉय पर एफआईआर
 
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों घरेलू एलपीजी गैस को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। शहर के कई इलाकों में लोग सिलेंडर के इंतजार में भटक रहे हैं। गैस एजेंसियां जहां सर्वर खराबी और तकनीकी दिक्कतों का हवाला दे रही हैं, वहीं जमीनी स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कई मामलों में कुप्रबंधन के साथ-साथ कालाबाजारी की आशंका भी सामने आने लगी है।

‘डिलीवरी’ का मैसेज आया, मगर गैस नहीं

एक उपभोक्ता ने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक किया। बुकिंग के बाद मोबाइल पर ओटीपी भी आया, जिससे प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि हो गई। लेकिन कुछ ही देर बाद उपभोक्ता को एक और संदेश मिला कि सिलेंडर आपके घर पहुंचा दिया गया है, कृपया फीडबैक दें।

उपभोक्ता ने भरोसा करते हुए फीडबैक भी दे दिया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दो दिन तक उनके घर कोई डिलीवरी नहीं पहुंची। बार-बार फोन करने के बावजूद वेंडर ने कॉल का जवाब भी नहीं दिया। इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन हुआ अलर्ट

मामला सामने आने के बाद पटना पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की ब्लैक मार्केटिंग या अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के निर्देश पर दानापुर अनुमंडल क्षेत्र की एक गैस एजेंसी के डिलीवरी बॉय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत न्यू तारापुर इलाके के एक उपभोक्ता ने जिला नियंत्रण कक्ष में दर्ज कराई थी।

कालाबाजारी पर सख्ती की चेतावनी

प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर कहीं भी गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी या अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलती है, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर एस्मा एक्ट के तहत भी कदम उठाया जा सकता है।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन सक्रिय

घरेलू गैस से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया है। उपभोक्ता सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल एक एजेंसी की लापरवाही है, या फिर पटना में गैस सप्लाई के नाम पर कोई बड़ा खेल चल रहा है? प्रशासन की आगे की जांच से ही इसकी सच्चाई सामने आएगी।