शिक्षकों को बड़ी राहत! गर्मी की छुट्टियों वाली ट्रेनिंग पर शिक्षा विभाग ने बदला फैसला
शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य समस्याओं या अन्य जरूरी कारणों से प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सके थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
नए निर्देश के मुताबिक, 1 जून से 20 जून तक घोषित ग्रीष्मावकाश के दौरान यदि कोई शिक्षक पारिवारिक कारणों या पहले से तय कार्यक्रम के चलते मुख्यालय से बाहर रहता है, तो इसे अनुशासनहीनता नहीं माना जाएगा। विभाग ने माना कि कई शिक्षकों ने पहले से यात्रा, इलाज या पारिवारिक कार्यक्रम तय कर रखे थे।
दरअसल, गर्मी की छुट्टियों के बीच शुरू किए गए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी थी। शिक्षक संगठनों ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए सरकार से तत्काल स्थगित करने की मांग की थी। मामला बढ़ने के बाद शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा कर शिक्षकों को राहत देने का फैसला लिया।
SCERT ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण केवल पाँच दिवसीय आवासीय होगा। साथ ही जिन शिक्षकों की छुट्टियाँ प्रभावित होंगी, उन्हें क्षतिपूर्ति अवकाश (Compensatory Leave) दिया जाएगा। शिक्षक इस अवकाश का उपयोग 31 दिसंबर 2026 तक अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर भी पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए ही यह फैसला लिया गया है।
फिलहाल विभाग के इस नए आदेश के बाद शिक्षकों के बीच राहत और संतोष का माहौल देखा जा रहा है।