गन्ना उद्योग को बड़ी राहत: JDC कमीशन में 90% कटौती, चीनी मिलों और किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
1.80% से घटाकर 0.2% किया गया कमीशन
अब तक चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने के मूल्य का 1.80% हिस्सा जेडीसी को देना पड़ता था। सरकार ने इसे घटाकर मात्र 0.2% कर दिया है। यानी पेराई सत्र 2025-26 से लागू इस फैसले से मिल संचालकों पर वित्तीय बोझ काफी कम होगा।
आर्थिक संकट से जूझ रही मिलों को सहारा
राज्य में कई चीनी मिलें आर्थिक दबाव झेल रही थीं और लंबे समय से राहत पैकेज की मांग कर रही थीं। इस निर्णय को उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार पहले ही बंद पड़ी मिलों को चालू करने और नई मिलों की स्थापना की योजना पर काम कर रही है।
किसानों और उद्योग दोनों को फायदा
इस कटौती से मिलों की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, जिससे समय पर गन्ना भुगतान की संभावना भी बढ़ेगी। साथ ही गन्ना उत्पादन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का तर्क
अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने बताया कि यह फैसला मिल संचालकों और किसानों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है।
माना जा रहा है कि इस फैसले से बिहार में गन्ना उद्योग को नई संजीवनी मिलेगी और आने वाले समय में चीनी उत्पादन के क्षेत्र में राज्य की स्थिति और मजबूत होगी।