विदेश दौरे से लौटे बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, बोले- संसदीय व्यवस्थाओं को समझकर सदन को बनाएंगे और आधुनिक
Bihar news: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार लंबे विदेश दौरे के बाद शुक्रवार को पटना लौट आए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और मालदीव का अध्ययन दौरा किया। पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में डॉ. प्रेम कुमार ने अपने दौरे के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विदेश दौरे का उद्देश्य केवल दूसरे देशों की संसदीय व्यवस्था को देखना नहीं था, बल्कि वहां की बेहतर कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को समझकर बिहार विधानसभा को और प्रभावी, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में काम करना है।
केपटाउन में जलवायु परिवर्तन पर रखा भारत का पक्ष
दक्षिण अफ्रीका में हुए 69वें CPA सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र, मानवाधिकार, बदलती वैश्विक व्यवस्था और जलवायु जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन का मुख्य विषय बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़ा था।
डॉ. प्रेम कुमार ने जलवायु अनुकूलन और लचीलापन बढ़ाने में संसदीय नेतृत्व के मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को पूरी दुनिया के सामने मौजूद साझा चुनौती बताया और जलवायु संकट से निपटने के लिए संसदीय नेतृत्व की भूमिका पर जोर दिया।
भारत की योजनाओं का भी किया जिक्र
सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से मानवाधिकारों की रक्षा, शांति को बढ़ावा देने, बदलती विश्व व्यवस्था में अधिकारों की सुरक्षा और राष्ट्रमंडल की साझा यात्रा जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
डॉ. प्रेम कुमार ने भारत में जलवायु और पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। इनमें हरित ऊर्जा, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, CDRI, नमामि गंगे, मिशन LiFE और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम जैसी पहल शामिल हैं।
CPA सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन को लेकर डॉ. प्रेम कुमार ने जलवायु न्याय, वित्त और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया था।
चार देशों में प्रवासी बिहारियों से भी संवाद
CPA सम्मेलन के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और मालदीव का अध्ययन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां की संसदीय कार्यप्रणाली और संस्थागत व्यवस्थाओं को समझने के साथ भारतीय समुदाय और प्रवासी बिहारियों से भी संवाद किया।
उन्होंने प्रवासी बिहारियों से ‘विकसित भारत-विकसित बिहार, 2047’ के संकल्प से जुड़ने की अपील की। उनका कहना है कि विदेशों में रह रहे बिहारियों के पास ज्ञान, तकनीक और निवेश का अनुभव है, जिसका इस्तेमाल बिहार के विकास में किया जा सकता है।
बिहार विधानसभा को और बेहतर बनाने पर फोकस
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अलग-अलग देशों की संसदीय व्यवस्थाओं को करीब से देखने का अनुभव बिहार के लिए उपयोगी हो सकता है। अध्ययन दौरे से मिली जानकारी और अच्छी व्यवस्थाओं को बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली में उपयोग करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
उनका फोकस विधानसभा को ऐसी संस्था के रूप में और मजबूत करने पर है, जहां संसदीय कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी हो और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से जगह मिले।
69वें CPA सम्मेलन में दुनिया भर के संसदीय प्रतिनिधि जुटे
केपटाउन में आयोजित 69वें Commonwealth Parliamentary Conference में राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर, सांसद, संसदीय अधिकारी और शासन विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन 13 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित हुआ। इसमें संसदीय लोकतंत्र, सुशासन, मानवाधिकार, जलवायु और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
डॉ. प्रेम कुमार के पटना लौटने के साथ उनका यह विदेश दौरा पूरा हो गया है। अब इस दौरान मिले अनुभवों और विभिन्न देशों की व्यवस्थाओं से मिली सीख को बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर आगे काम किया जाएगा।