Bihar Band का महाबवाल: राहुल-तेजस्वी से माफी की मांग, सड़कों पर उतरे NDA कार्यकर्ता

 

Patna- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय मां के खिलाफ दरभंगा की सभा में दिए गए अपशब्द ने बिहार की राजनीति को विस्फोटक बना दिया है। मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि एनडीए ने गुरुवार को सुबह 7 बजे से 12 बजे तक बिहार बंद का ऐलान कर दिया। नतीजा-सुबह से ही पूरा प्रदेश ठप हो गया।

राजधानी पटना में इनकम टैक्स चौराहा जाम, विधायक संजीव चौरसिया और महिला कार्यकर्ताओं का धरना; आरा में मठिया मोड़ से लेकर कटिहार के शहीद चौक तक “मां का अपमान नहीं सहेंगे” के नारों से गूंज उठा बिहार। एनडीए नेताओं का साफ कहना है कि यह टिप्पणी सिर्फ प्रधानमंत्री की मां का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है।

सड़कें बनी रणभूमि, टायर जले, बसें फंसी

आरा, कटिहार, भागलपुर, बांका और औरंगाबाद समेत ज्यादातर जिलों में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कहीं हाईवे जाम, कहीं दुकानों के शटर जबरन गिराए गए। कटिहार में तो माहौल और ज्यादा गरमा गया, शहीद चौक व मिरचाईबाड़ी चौक पर टायर जलाए गए और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी हुई। बंद का असर इतना जबर्दस्त रहा कि कटिहार-पूर्णिया और कटिहार-मनिहारी मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

महिला मोर्चा ने थामा मोर्चा

दरभंगा में भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सपना भारती के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली मोड़ बस स्टैंड पर सड़क पर उतर आईं। सपना भारती ने चेतावनी दी, जब तक राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री से माफी नहीं मांगते, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, जदयू नेत्री डॉ. इस्मत जहां ने भी कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए कहा, मां का अपमान दरभंगा की धरती पर? यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

एनडीए की खुली चुनौती

पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कटिहार में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा, प्रधानमंत्री की मां सिर्फ मोदी जी की नहीं, पूरे देश की मां हैं। उनका अपमान हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

स्पष्ट है कि बिहार की सियासत में शायद पहली बार “मां के सम्मान का मुद्दा” इस तरह विस्फोटक रूप ले चुका है। एनडीए ने महागठबंधन को अल्टीमेटम दिया है या तो माफी मांगे, वरना बिहार की धरती से और भी प्रचंड आंदोलन उठेगा।