Bihar Building Bylaws: बिहार में घर बनाना होगा आसान! 30 दिन में नक्शा पास नहीं तो माना जाएगा मंजूर, छोटे प्लॉट पर भी राहत

 

Newshaat Desk: बिहार में अपना घर या भवन बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में बिल्डिंग बायलाज के संशोधित नियमों को लेकर बड़ी कवायद पूरी हो गई है। मंत्री समूह की समीक्षा के बाद संशोधित प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब इसे राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद नक्शा पास कराने से लेकर निर्माण की अनुमति लेने तक की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान और ज्यादा ऑनलाइन होने की उम्मीद है।

30 दिन में फैसला नहीं तो नक्शा माना जाएगा स्वीकृत

संशोधित प्रारूप में नक्शा स्वीकृति को लेकर सबसे अहम प्रावधान समयसीमा का है। प्रस्ताव के मुताबिक, आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर अगर संबंधित स्तर से नक्शे पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो उसे स्वीकृत माना जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय तक फाइलों के लंबित रहने और आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी को कम करना है।

12 मीटर तक के भवनों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया

प्रस्तावित व्यवस्था में 12 मीटर तक ऊंचाई वाले भवनों के नक्शे को लेकर भी प्रक्रिया आसान करने का प्रावधान है।

मानकों के अनुरूप तैयार स्व-प्रमाणित नक्शे को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद आवेदक पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेगा।

यानी नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई और कार्यालयों पर निर्भरता कम करने की कोशिश की गई है।

10 मीटर तक के मकानों में सेल्फ सर्टिफिकेशन

नए मसौदे में भवनों को उनकी ऊंचाई और जोखिम के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखने का प्रस्ताव है।

10 मीटर तक ऊंचे मकानों के लिए स्व-प्रमाणन यानी सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था प्रस्तावित है। बताया गया है कि पहले इस व्यवस्था के लिए 24 मीटर तक की सीमा पर चर्चा थी, जिसे संशोधित कर 10 मीटर किया गया है।

12 से 24 मीटर तक के भवनों के लिए इंजीनियर की भूमिका

12 से 24 मीटर ऊंचाई वाले भवनों को मध्यम जोखिम की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है। ऐसे भवनों का नक्शा इंजीनियर या वास्तुविद से तैयार और स्वीकृत कराने की व्यवस्था होगी।

वहीं 24 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा जाएगा। इनके लिए नक्शे के साथ जरूरी एनओसी और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

छोटे और संकरे प्लॉट वालों को भी राहत

संशोधित नियमों में छोटे और संकरे भूखंडों को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। 10 मीटर तक चौड़े प्लॉट के लिए सेटबैक नियमों में पूरी छूट देने की बात सामने आई है।

इससे संकरे प्लॉट पर घर बनाने वाले लोगों के लिए भवन का डिजाइन तैयार कराने और निर्माण अनुमति लेने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है।

FAR के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव

मंत्री समूह की समीक्षा में FAR यानी Floor Area Ratio और सेटबैक से जुड़े नियमों पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था में सामान्य FAR को 3 रखने की बात है।

इसके अलावा निर्धारित सीमा के भीतर अतिरिक्त शुल्क देकर FAR बढ़ाने की सुविधा देने पर भी विचार किया गया है। इससे जमीन के उपलब्ध क्षेत्र के अनुसार निर्माण की संभावनाओं में बदलाव हो सकता है।

118 आपत्तियों और सुझावों पर हुआ विचार

बिल्डिंग बायलाज में बदलाव के लिए तैयार किए गए मसौदे पर लोगों और संबंधित पक्षों से 118 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए थे। मंत्री समूह ने इन सभी पर विचार करने के बाद संशोधित प्रारूप को अंतिम रूप दिया है।

अब अगला महत्वपूर्ण चरण राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद ही इन प्रस्तावित प्रावधानों को लागू करने का रास्ता साफ होगा।

ऑनलाइन और समयबद्ध होगी पूरी प्रक्रिया

संशोधित बिल्डिंग बायलाज का मुख्य उद्देश्य भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम कागजी बनाना है। ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध निर्णय और छोटे भूखंडों के लिए प्रस्तावित राहत से आम लोगों को निर्माण से जुड़ी औपचारिकताओं में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, इन प्रावधानों के प्रभावी होने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी और उसके बाद जारी होने वाले अंतिम नियमों का इंतजार करना होगा।