75वें जन्मदिन पर सीएम नीतीश का तोहफा: 51 लाख आंगनबाड़ी बच्चों को मिलेंगे दो-दो सेट ड्रेस, ‘विकास दिवस’ के रूप में मना जश्न
51 लाख बच्चों को मिलेगा ड्रेस सेट
ग्रामीण विकास विभाग की पहल पर राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले करीब 51 लाख बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के हाथों पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से होगी, इसके बाद बगहा में वितरण अभियान आगे बढ़ेगा। पहले चरण में ही लाखों बच्चों तक पोशाक पहुंचाने की तैयारी है।
‘दीदी सिलाई केंद्र’ की बड़ी भूमिका
मंत्री ने बताया कि 2022 में मुंगेर से शुरू हुआ ‘दीदी सिलाई केंद्र’ अब 15 जिलों तक फैल चुका है। 25 आधुनिक उत्पादन-सह-प्रशिक्षण केंद्रों और प्रखंड स्तर के उपकेंद्रों सहित कुल 1050 सिलाई केंद्र संचालित हैं, जहां लगभग एक लाख जीविका दीदियां काम कर रही हैं। इन्हीं केंद्रों में बच्चों की पोशाक तैयार की गई है।
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ यूनिफॉर्म वितरण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और समानता का संदेश है। आंगनबाड़ी को बच्चों की पहली पाठशाला बताते हुए मंत्री ने कहा कि इन ड्रेसों में जीविका दीदियों की मेहनत और ममत्व दोनों शामिल हैं।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
स्थानीय स्तर पर ड्रेस निर्माण से महिलाओं को रोजगार मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और भविष्य की पीढ़ी के विकास से जुड़ी पहल मान रही है।
वाल्मीकिनगर और बगहा से शुरू हो रहा यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू होगा। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर की गई यह घोषणा सामाजिक समानता और शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत मानी जा रही है।