बिहार सहकारी बैंक बना हाईटेक: Finacle प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट, अब बैंकिंग होगी और तेज व पारदर्शी
खास बात यह रही कि यह पूरा माइग्रेशन बिना किसी गड़बड़ी (शून्य माइग्रेशन बैलेंस) के सुचारू रूप से पूरा किया गया, जो बैंक की तकनीकी क्षमता और मजबूत प्लानिंग को दर्शाता है।
अब हर ग्राहक को मिलेगा यूनिक अकाउंट नंबर
इस अपग्रेड के तहत राज्य के सभी ग्राहकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के खातों को एकीकृत किया गया है। इससे हर ग्राहक को एक यूनिक खाता संख्या दी गई है, जिससे बैंकिंग सेवाएं ज्यादा पारदर्शी, सटीक और आसान हो जाएंगी।
लेखा प्रणाली हुई मजबूत और पारदर्शी
बैंक ने जनरल लेजर (GL) कोड और ट्रायल बैलेंस को भी मानकीकृत किया है। इससे लेखा प्रणाली अब अधिक मजबूत, त्रुटिरहित और ऑडिट के लिए अनुकूल बन गई है, जिससे वित्तीय प्रबंधन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
HRMS से लेकर AML तक-पूरी तरह डिजिटल सिस्टम लागू
बैंक ने कई आधुनिक तकनीकी सिस्टम भी लागू किए हैं, जिनमें:
• HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम)
• AML (एंटी मनी लॉन्ड्रिंग)
• लोन मैनेजमेंट सिस्टम
• GST मॉड्यूल
• ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर)
इन सभी के जरिए अब बैंकिंग संचालन, लोन प्रोसेसिंग, टैक्स अनुपालन और निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो जाएगी।
ग्राहकों को मिलेगा तेज, सुरक्षित और आसान बैंकिंग अनुभव
इस तकनीकी बदलाव से ग्राहकों को अब पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी। साथ ही, यह कदम बिहार के सहकारी बैंकों को डिजिटल दौर में प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण से शहरी तक बैंकिंग पहुंच होगी मजबूत यह पहल न केवल बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करेगी, बल्कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगी।