Bihar Education: अब सुबह 9 बजे के बाद ही बनेगा मिड-डे मील, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए सख्त निर्देश

 

Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और समय को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने निर्देश दिया है कि केंद्रीकृत रसोईघरों में मिड-डे मील तैयार करने का काम सुबह 9 बजे के बाद ही शुरू किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को स्कूल में ताजा और गर्म भोजन उपलब्ध कराना है।

शिक्षा मंत्री ने यह निर्देश शनिवार को कटिहार और पूर्णिया के एक दिवसीय दौरे के दौरान आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठकों में दिए। बैठकों में स्कूलों के संचालन, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

भोजन की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

कटिहार में हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रीकृत रसोईघरों में भोजन तैयार करने वाली एजेंसियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करने को कहा।

भोजन की गुणवत्ता, मात्रा, साफ-सफाई और बच्चों तक समय पर भोजन पहुंचने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में स्वच्छता के साथ भोजन बनाने की प्रक्रिया में तय मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को भी कहा गया है।

मंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि इस व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा।

पूर्णिया में खुलेगा गुरुकुलम संस्कृत विद्यापीठ

पूर्णिया में शिक्षा मंत्री ने गुरुकुलम संस्कृत विद्यापीठ स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य संस्कृत शिक्षा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ जोड़ना और भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

मंत्री के अनुसार, संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण तथा संवर्धन को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। प्रस्तावित विद्यापीठ के जरिए संस्कृत शिक्षा को नया आधार देने की दिशा में काम किया जाएगा।

संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की भी होगी नियमित समीक्षा

समीक्षा बैठक के दौरान संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सरकार की ओर से निर्धारित सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए।

इसके लिए इन संस्थानों की नियमित निगरानी और समीक्षा करने पर जोर दिया गया है। शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आधारभूत सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।

दोनों जिलों में अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत समीक्षा

पूर्णिया की बैठक में मंत्री लेसी सिंह, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, उप विकास आयुक्त समेत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं कटिहार में हुई बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, विधायक दुलालचंद गोस्वामी, विधायक संगीता देवी, विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष मनोज राय सहित जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

बैठकों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा के साथ अधिकारियों को योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्कूलों की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।