अवैध खनन पर बिहार सरकार का शिकंजा, 1,000 माइनिंग कांस्टेबल होंगे तैनात; 2,497 वाहन जब्त
Patna news: बिहार में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में छापेमारी कर बालू, मिट्टी, पत्थर और स्टोन चिप्स से लदे वाहनों को जब्त किया गया है। सरकार का फोकस अवैध खनन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ खनिज संसाधनों से होने वाले राजस्व को बढ़ाने पर भी है।
कई जिलों में छापेमारी, वाहन जब्त
विभाग की टीम ने किशनगंज में एक ट्रैक्टर जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा बांका में पीला बालू, कटिहार में मिट्टी और गया में बालू लदे एक-एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया।
नालंदा में बालू और पत्थर से लदे दो ट्रैक्टर तथा पूर्वी चंपारण में स्टोन चिप्स लदे एक ट्रैक्टर पर भी कार्रवाई की गई। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध तरीके से खनिजों का परिवहन करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।
1,000 माइनिंग कांस्टेबल की विशेष टीम होगी तैयार
खनन क्षेत्रों में निगरानी को और मजबूत करने के लिए विभाग ने 1,000 माइनिंग कांस्टेबलों की विशेष टीम गठित करने का फैसला किया है। इनकी तैनाती खनन क्षेत्रों, चेक पोस्ट और संवेदनशील इलाकों में की जाएगी।
इनका मुख्य काम अवैध बालू, पत्थर और अन्य खनिजों के खनन तथा उनके परिवहन पर नजर रखना होगा। विभाग का मानना है कि माइनिंग कांस्टेबलों की नियुक्ति के बाद स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करना और आसान होगा।
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार के मुताबिक विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया जाता है और नई व्यवस्था से निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
एक साल में बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
विभाग के आंकड़े भी बताते हैं कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान तेज हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16,401 छापेमारी की गई थी, जबकि 2026-27 में अब तक 16,861 छापेमारी हो चुकी है।
2025-26 में अवैध खनन और खनिज परिवहन के मामलों में 198 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और 2,058 वाहन जब्त किए गए थे। इस कार्रवाई से 31.24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं 2026-27 में अब तक 278 गिरफ्तारियां और 2,497 वाहनों की जब्ती हो चुकी है। विभाग ने इस अवधि में 32.64 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
नई नियमावली से खनन माफिया पर और सख्ती
अवैध खनन और खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिए बिहार सरकार ने हाल ही में बिहार खनिज नियमावली 2026 लागू की है। नई व्यवस्था के तहत नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
लघु खनिजों के परिवहन के लिए निर्धारित रंग के ढंके हुए वाहनों का इस्तेमाल जरूरी किया गया है। बिना ढके खनिज ले जाने पर ट्रैक्टर पर 5 हजार रुपये और बड़े वाहनों पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं GPS से छेड़छाड़ या उसे बंद करने पर वाहन मालिक पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
दूसरे राज्यों से खनिज लाने पर ISTP जरूरी
10 जून 2026 से बिहार में दूसरे राज्यों से बालू, पत्थर जैसे लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ISTP के बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खनिज संपदा के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट किया है कि खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास में किया जाएगा तथा खनिज संपदा के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार की इस पूरी रणनीति का मकसद खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लगाना, अवैध परिवहन के नेटवर्क को कमजोर करना और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी करना है।