मानसून से पहले बिहार सरकार सख्त: फील्ड में नहीं मिले अधिकारी तो होगी कड़ी कार्रवाई, विजय चौधरी का बड़ा अलर्ट
शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विजय चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि अब फाइलों से नहीं, बल्कि फील्ड में उतरकर काम करने का समय है। उन्होंने सभी अभियंताओं और अधिकारियों को नियमित रूप से तटबंधों, बांधों और नहरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
“फील्ड में नहीं मिले तो कार्रवाई तय”
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री का सख्त अंदाज देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “पूरी जिम्मेदारी आप लोगों की है। हर परिस्थिति में फील्ड में जाना है, तटबंधों पर जाना है और नहरों की निगरानी करनी है। अगर कोई अधिकारी मौके पर नहीं मिला और मैं वहां पहुंच गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही पर सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी तटबंधों और नहरों की स्थिति का गहन निरीक्षण पूरा कर लिया जाए।
इसके अलावा संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखने, मरम्मत कार्यों को तय समय में पूरा करने और लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
बाढ़ नियंत्रण को लेकर सरकार गंभीर
विजय चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। बारिश के दौरान किसी भी जिले में जलजमाव या तटबंध टूटने जैसी स्थिति न बने, इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है।
बैठक में मौजूद अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।