बिहार में सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, जमीन अधिग्रहण तेज करने का बड़ा आदेश

 

Bihar news: बिहार में अटकी पड़ी सड़क परियोजनाओं को अब तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दो दर्जन से अधिक सड़कों के निर्माण में आ रही जमीन संबंधी दिक्कतों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि मुआवजा और विवाद के कारण कई अहम योजनाएं काफी समय से रुकी हुई हैं।

जिलों को भेजी गई सड़कों की सूची
भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने सभी संबंधित जिलों को उन सड़क परियोजनाओं की सूची भेजी है, जिनका काम जमीन अधिग्रहण के कारण अटका हुआ है। समीक्षा बैठक में पाया गया कि कई जगह मुआवजा भुगतान नहीं हुआ है और कहीं जमीन के मालिकों के साथ विवाद चल रहा है।

शेरपुर-दिघवारा पुल में बड़ी बाधा
गंगा नदी पर बन रहे शेरपुर-दिघवारा छह लेन पुल का काम जमीन की कमी से रुका है। सारण जिले में करीब 580 मीटर जमीन के बीच मंदिर, मस्जिद और स्कूल जैसी इमारतें आ रही हैं। इन्हें हटाए बिना आगे का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे काम में देरी हो रही है।

एनएच-27 और एनएच-231 पर मुआवजे का विवाद
एनएच-27 के किशनगंज से बहादुरगंज वाले हिस्से में सड़क सीधी करने के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है। इसके लिए मुआवजे की तैयारी चल रही है। वहीं एनएच-231 पर मरंगा और सुखिया मौजा के किसान कम मुआवजा मिलने से नाराज हैं और विरोध कर रहे हैं, जिससे काम धीमा हो गया है।

अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी परेशानी
एनएच-139 डब्ल्यू पर कुछ जगह संरचनाओं का भुगतान बाकी है और एक मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। साहेबगंज-अरेराज-बेतिया मार्ग और पश्चिमी चंपारण में भी बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण अभी पूरा नहीं हुआ है। एनएच-119 डी पर भी कई जिलों में रैयतों का विरोध सामने आ रहा है।

समन्वय से जल्द समाधान का निर्देश
निदेशक ने सभी जिला अधिकारियों को कहा है कि वे विभाग और जमीन मालिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाएं। मुआवजे के मामलों को जल्दी निपटाएं और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करें। विभाग का लक्ष्य है कि सड़क निर्माण में अब और देरी न हो और विकास कार्य जल्द आगे बढ़ें।