बिहार खनन विभाग की मजबूत शुरुआत: तीन महीने में 505 करोड़ से ज्यादा राजस्व, 5,000 करोड़ के लक्ष्य की ओर तेज़ी

 

Bihar news: बिहार के खनन एवं भू-तत्व विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में राजस्व संग्रह के मामले में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। विभाग ने जून 2026 तक 505.26 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23.35 प्रतिशत अधिक है। विभाग ने इस वर्ष कुल 5,000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है।

खनन निदेशक मनेश कुमार मीणा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में विभाग ने 409.62 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया था। इस बार विभाग ने शुरुआती तीन महीनों में ही 95.64 करोड़ रुपये अधिक जुटाकर बेहतर वित्तीय प्रदर्शन का संकेत दिया है।

अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। जून 2026 तक विभाग ने कार्रवाई के दौरान 23.28 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है।

राजस्व बढ़ाने की दिशा में विभाग द्वारा लागू की गई इंटर-स्टेट ट्रांजिट परमिट (ISTP) व्यवस्था भी प्रभावी साबित हो रही है। 10 जून 2026 से बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों के लिए यह व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद अब तक विभाग को 26.91 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो चुका है।

विभाग का अनुमान है कि केवल आईएसटीपी प्रणाली के माध्यम से ही इस वित्तीय वर्ष में 200 से 250 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है। वर्तमान में करीब 19 हजार वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि प्रतिदिन लगभग 4 हजार वाहन झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों से बिहार में प्रवेश कर रहे हैं।

खनन निदेशक ने बताया कि आईएसटीपी व्यवस्था का उद्देश्य खनिजों के परिवहन को अधिक पारदर्शी बनाना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। विभाग का मानना है कि सख्त निगरानी और नई व्यवस्था के जरिए इस वर्ष निर्धारित 5,000 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत प्रगति हो रही है।