बिहार MLC चुनाव 2026: एक सीट बचाने की चुनौती में जुटे तेजस्वी, NDA में भी टिकट को लेकर घमासान तेज

 
Bihar political news: बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और एक उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 18 जून 2026 को होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों में लगातार रणनीति बैठकों का दौर जारी है। इस चुनाव में जहां एनडीए संख्या बल के दम पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल के सामने अपनी एकमात्र संभावित सीट बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ गहन मंथन शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी एक उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है और इसके लिए विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ महागठबंधन के सहयोगी दलों से बेहतर तालमेल बनाने पर फोकस किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उम्मीदवार चयन को लेकर भी अंदरखाने कई दौर की चर्चा हो चुकी है।

दरअसल जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें जदयू के डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस और भीष्म साहनी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं भाजपा के श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख और सम्राट चौधरी की सीटें भी खाली हो रही हैं। राजद से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है, जबकि कांग्रेस के समीर कुमार सिंह की सीट पर भी चुनाव होना है।

विधानसभा में वर्तमान संख्या बल पर नजर डालें तो एनडीए के पास करीब 202 विधायक हैं। ऐसे में गठबंधन आसानी से 8 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। वहीं महागठबंधन और अन्य दलों के पास लगभग 41 विधायकों का समर्थन है, जिससे एक सीट निकालना संभव माना जा रहा है। इसी वजह से राजद इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहा है।

सूत्रों की मानें तो राजद में टिकट को लेकर कई नामों पर चर्चा हुई। तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य के नाम भी राजनीतिक गलियारों में तैरते रहे, लेकिन पार्टी नेतृत्व किसी समर्पित संगठनात्मक चेहरे को मौका देने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

उधर एनडीए खेमे में भी सीटों को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। जदयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को भी विधान परिषद भेजा जा सकता है।

इसके अलावा भाजपा के सामने सहयोगी दलों को साधने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। मंत्री दीपक प्रकाश फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में उनका एमएलसी बनना जरूरी माना जा रहा है। वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी हम और चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) भी सीटों पर दावा ठोक चुकी है।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक नाम वापसी की प्रक्रिया चलेगी। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।

इसके साथ ही वह सीट भी चर्चा में है जो नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा और यहां निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।