Bihar news: उमानाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की शुरुआत, अतिक्रमण हटाने के लिए चला बुलडोजर
Bihar news: बाढ़ के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध उमानाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम अब जमीन पर उतरने लगा है। इस योजना के तहत शुक्रवार को प्रशासन ने मंदिर परिसर में बने पुराने निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया।
कार्रवाई के दौरान मंदिर परिसर में स्थित एक पुरानी और जर्जर धर्मशाला को पूरी तरह तोड़ दिया गया। इसके साथ ही धर्मशाला में चल रही कई दुकानों को पहले खाली कराया गया और फिर उन्हें भी हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सौंदर्यीकरण कार्य में बाधा आ रही थी, इसलिए यह कदम उठाया गया।
100 करोड़ से अधिक की लागत से बदलेगा उमानाथ क्षेत्र
उमानाथ मंदिर का सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत उमानाथ मंदिर से लेकर सती स्थान तक कई बड़े और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे।
इस परियोजना में कॉरिडोर निर्माण, सामुदायिक भवन, मंडपम, आश्रय स्थल, पार्किंग व्यवस्था के साथ-साथ सती स्थान घाट से उमानाथ मंदिर के दक्षिणी छोर तक नया कॉरिडोर बनाने की योजना शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2025 में इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास भी किया था।
अतिक्रमण हटाना जरूरी था: अंचलाधिकारी
मौके पर मौजूद बाढ़ के अंचलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उमानाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि परियोजना क्षेत्र में बने सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा, ताकि काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर घर बना रखे हैं, उनकी जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया के बाद ऐसे निर्माणों को भी हटाया जाएगा। उमानाथ सौंदर्यीकरण परियोजना के दायरे में आने वाले किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को नहीं छोड़ा जाएगा। उमानाथ मंदिर और उसके आसपास का क्षेत्र जल्द ही नए रूप में नजर आएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।