Bihar news: जमीन के मामलों पर ‘महामंथन’- पटना में DCLR की मैराथन बैठक, सुस्त अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
जनता को भटकना न पड़े, यही लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया है कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। दाखिल-खारिज, अपील और अन्य विवादों का त्वरित निपटारा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने की दिशा में यह बैठक अहम मानी जा रही है।
कामकाज का होगा पूरा ‘ऑडिट’
बैठक के पहले सत्र में 2025-26 के पूरे वित्तीय वर्ष के कामकाज का ‘एक्स-रे’ किया जाएगा। किस अधिकारी ने कितने मामलों का निपटारा किया, कितने लंबित हैं और किस स्तर पर देरी हो रही है—इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
राजस्व और लैंड बैंक पर फोकस
सरकार की नजर सिर्फ विवाद निपटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्व वसूली और विकास कार्यों के लिए जमीन की उपलब्धता पर भी है। लैंड बैंक के लिए चिन्हित जमीनों का भौतिक सत्यापन, अंचल स्तर पर निरीक्षण और रिपोर्टिंग सिस्टम की भी समीक्षा होगी, जिससे जमीनी स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
अधिकारियों की होगी ‘परीक्षा’
इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें अधिकारियों की कार्यक्षमता को परखने के लिए ‘ऑर्डर राइटिंग टेस्ट’ भी लिया जाएगा। न्यायिक आदेश लिखने की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। साथ ही, नए अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे तकनीकी और कानूनी मामलों में और अधिक सक्षम बन सकें।
अब लापरवाही नहीं चलेगी
सरकार के इस कदम को साफ संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि अब जमीन से जुड़े मामलों में देरी, लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इसका असर सीधे आम जनता को राहत के रूप में देखने को मिल सकता है।