Bihar news: 31 जनवरी तक चलेगा पैक्स सदस्यता-सह-जागरूकता अभियान, अब तक जुड़े करीब 3 लाख लोग

 

Bihar news: बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की ओर से राज्यभर में चलाया जा रहा पैक्स सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह अभियान 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। इसका मकसद अधिक से अधिक लोगों को पैक्स, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों (पीवीसीएस) और सहकारी बैंकों से जोड़ना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सहकारी सेवाओं का सीधा लाभ मिल सके।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत अब तक पैक्सों में 1 लाख 59 हजार से अधिक नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। वहीं पीवीसीएस में 13,059 लोगों को सदस्यता दी गई है। इसके अलावा सहकारी बैंकों में 20,874 नए खाते भी खोले गए हैं। कुल मिलाकर अब तक करीब 3 लाख लोगों ने इस अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है।

सहकारिता विभाग का कहना है कि बड़ी संख्या में नए सदस्यों के जुड़ने से पैक्स और सहकारी संस्थाएं पहले से ज्यादा मजबूत होंगी। इससे सहकारी सेवाएं लोगों तक ज्यादा पारदर्शी और समय पर पहुंच सकेंगी।

इस मौके पर सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि यह अभियान सहकारिता आंदोलन को नई ताकत दे रहा है। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण युवा और आम लोग सहकारी व्यवस्था से जुड़ रहे हैं। इससे पैक्स और सहकारी संस्थाएं सशक्त होंगी और सहकारी बैंकों के जरिए बैंकिंग सेवाएं, कर्ज सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

अभियान के तहत नए बैंक खाते खोलने के साथ-साथ केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के जरिए ऋण सुविधा दी जा रही है। माइक्रो-एटीएम के माध्यम से लोगों को बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। इसके अलावा पैक्स को मल्टी सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र और किसान समृद्धि केंद्र जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।

विभाग ने यह भी बताया कि जो पैक्स सबसे ज्यादा नए सदस्य बनाएंगे, उनके अध्यक्षों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला स्तर पर सभी पंचायतों के लिए रोस्टर तैयार किया गया है और पंचायतों में किसानों के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है।

सहकारिता विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में वित्तीय समावेशन भी मजबूत होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग सहकारी व्यवस्था से जुड़ पाएंगे।