प्रलय के मुहाने पर बिहार: गंगा समेत 8 नदियां उफान पर, पटना के कई इलाके जलमग्न; सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण
Bihar Flood News: बिहार में कुदरत का कहर एक बार फिर अपने चरम पर है। सूबे में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। गंगा समेत आठ प्रमुख नदियां इस वक्त खतरे के निशान को पार कर तांडव मचा रही हैं, जिससे राजधानी पटना समेत कई जिलों के बड़े भूभाग पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।
प्रमुख नदियां खतरे के लाल निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की कई नदियां अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।
- गंगा का रौद्र रूप: पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.69 मीटर, गांधी घाट पर 50.37 मीटर (खतरा निशान: 48.60 मीटर) और हथिदह में 43.26 मीटर (खतरा निशान: 41.76 मीटर) तक पहुंच गया है।
- अन्य उफनती नदियां: गंगा के अलावा कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, सोन और बागमती नदियां भी उफान पर हैं।
- इंद्रपुरी बराज: सोन नदी के लगातार बढ़ते दबाव के चलते इसके सभी 56 गेट खोलने पड़े हैं।
सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
- अधिकारियों को सख्त निर्देश: सीएम ने एरियल सर्वे के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को समय पर हरसंभव मदद मिलनी चाहिए और जान-माल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- हाई अलर्ट जारी: आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना सहित कई संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
इन जिलों के निचले इलाकों में चेतावनी
प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, वैशाली, जहानाबाद और भागलपुर के निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।