बिहार में राजस्व कर्मचारियों का अब हर 5 साल में होगा जिला बदलना, नई पदस्थापना नीति लागू

 

Bihar news: बिहार में राजस्व कर्मचारियों की तैनाती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ‘बिहार राजस्व कर्मचारी पदस्थापन नीति-2026’ लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी राजस्व कर्मचारी एक ही जिले में अधिकतम पांच वर्ष तक ही तैनात रह सकेगा। पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद संबंधित कर्मचारी का दूसरे जिले में स्थानांतरण किया जाएगा।

तबादले के लिए कर्मचारी दे सकेंगे पांच जिलों का विकल्प

नई नीति में राजस्व कर्मचारियों को स्थानांतरण के दौरान अपनी पसंद के पांच जिलों का विकल्प देने की सुविधा भी दी गई है। इसके आधार पर उपलब्धता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पदस्थापन किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की पसंद को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में जगह मिलेगी।

विशेष परिस्थिति में बढ़ सकता है कार्यकाल

हालांकि, पांच वर्ष की समयसीमा हर स्थिति में अंतिम नहीं होगी। विशेष परिस्थितियों में पर्यवेक्षी पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर किसी राजस्व कर्मचारी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा विभाग को जरूरत पड़ने पर निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले भी कर्मचारी का स्थानांतरण करने का अधिकार रहेगा।

प्रशासनिक तबादले नीति से अलग

नई पदस्थापन नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक आधार पर किए जाने वाले तबादले इस सामान्य व्यवस्था से अलग होंगे। यानी विभागीय जरूरत या प्रशासनिक कारणों से होने वाला स्थानांतरण पांच वर्ष की निर्धारित अवधि से अलग भी किया जा सकता है।

पारदर्शिता लाने पर जोर

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। लंबे समय तक एक ही जिले में तैनाती की व्यवस्था में बदलाव के जरिए विभागीय कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।

नई नीति लागू होने के बाद अब राजस्व कर्मचारियों के जिला स्तर पर लंबे समय तक बने रहने की अवधि सीमित होगी और निर्धारित समय पूरा होने पर उन्हें दूसरे जिले में पदस्थापित किया जाएगा।