44 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी से त्रस्त बिहार, IMD का अलर्ट- गया, रोहतास सहित 5 जिलों में उमस और हीट स्ट्रेस का खतरा

दोपहर के समय धूप से बचें और बाहर निकलते समय पानी खूब पीएं.
बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को तापमान और उमस से बचाने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.
बाहर काम करने वाले व वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी है.
 

Bihar Weather Update: बिहार के दक्षिणी हिस्सों में भीषण गर्मी का असर जारी है. मौसम विभाग द्वारा बुधवार और आज के लिए कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. बिहार में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अब जानलेवा स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में ‘हॉट डे’ अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज धूप और उमस के बीच तापमान 44°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. हालांकि लू (गर्म हवा) बिल्कुल तीव्र रूप में नहीं है, लेकिन उमस भरी गर्मी और तेज धूप से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

44 डिग्री के साथ डेहरी सबसे गर्म

  • तापमान के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो दक्षिण बिहार की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, रोहतास जिले का डेहरी क्षेत्र 44 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है. जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती दी है. वहीं, राजधानी पटना में भी पारा 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. जिससे शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट के जंगलों के बीच रहने वाले लोग बेहाल हैं. छपरा, औरंगाबाद, नालंदा और जहानाबाद जैसे जिलों में भी तापमान 40 डिग्री की सीमा को पार कर चुका है. इसके विपरीत, केवल अरवल ही ऐसा जिला रहा जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा. हालांकि, आने वाले एक सप्ताह तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े गिरावट की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है.

गर्मी से कब तक मिलेगी राहत?

  • मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस भीषण गर्मी का मुख्य कारण वायुमंडल में प्रभावी शुष्क पश्चिमी हवाएं हैं, जो राजस्थान और पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से तपिश लेकर आ रही हैं. वर्तमान में आसमान पूरी तरह साफ होने और तेज धूप के सीधे संपर्क के कारण धरती तेजी से तप रही है, जिससे ‘ड्राई हीट’ का प्रभाव चरम पर है. हवा में नमी की भारी कमी होने के कारण न केवल उमस बल्कि त्वचा को झुलसाने वाली शुष्कता भी लोगों को परेशान कर रही है. विभाग के मुताबिक, फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या चक्रवाती परिसंचरण मौजूद नहीं है, जो तेज आंधी या व्यापक बारिश लाकर तापमान को नियंत्रित कर सके.

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

  • राजधानी पटना की स्थिति पर गौर करें तो यहाँ की जलवायु परिस्थितियां स्वास्थ्य के लिए बेहद नाजुक बनी हुई हैं. सुबह 8 बजे से ही तीखी धूप का असर दिखने लगता है और दोपहर तक पारा 41 डिग्री के करीब पहुंच जाता है. जिसके आने वाले दिनों में 43 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है. रात के समय भी कंक्रीट की इमारतें गर्मी उत्सर्जित कर रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में पर्याप्त गिरावट नहीं हो रही है. दोपहर के वक्त शहर की मुख्य सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा रहता है और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े राहगीरों को बीमार कर रहे हैं. इस उमस और गर्मी ने न केवल स्वास्थ्य बल्कि दैनिक मजदूरी करने वालों की आर्थिक गतिविधियों पर भी गहरा प्रहार किया है.